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त्रिदेवी की आराधना का पर्व

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।

नवरात्रि का पर्व आया है,
नवदुर्गा शक्ति का पर्व आया है।

भक्ति के रंग में डुबना है,
आध्यात्मिक विकास करना है।

त्रिदेवी की आराधना में खुद को खो देना है,
त्रिदेवी की आराधना से खुद को संवारना है।

खुद के दु:खों से उपर उठना है,
खुद में प्रसन्नता को ढूंढना है।

काली स्वरूप तमस का प्रतीक है,
यह स्वरूप से प्रेरणा लेनी है;

मन से जड़ता दूर करनी है,
मन की कमज़ोरी दूर करनी है,
सकारात्मकता की रौशनी फैलानी है।

लक्ष्मी स्वरूप रजस का प्रतीक है,
यह स्वरूप से सिखना है;

धन को मेहनत से पाना है,
कर्म में सक्रियता व सच्चाई को लाना है,
विचारों में रचनात्मकता को लाना है।

सरस्वती स्वरूप सत्व का प्रतीक है,
यह स्वरूप से सिखना है;

खुद के अज्ञान को दूर करना है,
खुद में निर्मलता व सौम्यता को लाना है,
कला से जीवन को सजाना है।

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