नवरात्रि

माँ..माँ जो मूल प्रकृति है,माँ जो जगजननी है,माँ जो शक्ति है,माँ जो सर्जन शक्ति है। माँ..जिनकी आराधना का पर्व आया है,पहले तीन दिन माँ काली की आराधना करनी है,दूसरे तीन दिन माँ लक्ष्मी की आराधना करनी है,आख़िरी तीन दिन माँ सरस्वती की आराधना करनी है। नवरात्रि की हार्दिकशुभकामनाएं। अन्य रचनाएं भी पढ़ें: त्रिदेवी की आराधना का पर्व... Continue Reading →

मेरे कान्हा (મારો કૃષ્ણ)

मेरे कान्हा..जिनसे ही जगत में मधुरता है,जिनसे ही जगत में सब रस है। मेरे कान्हा..जो श्रीमद भगवद गीता से मार्गदर्शन देते हैं,जो जगत गुरु बनके मार्गदर्शन देते हैं। मेरे कान्हा..जो प्रेम अवतार हैं,जो परम तत्व हैं। Translation in Gujarati મારો કૃષ્ણ..જેનાથી જ જગતમાં મધુરતા છે,જેનાથી જ જગતમાં સર્વ રસો છે. મારો કૃષ્ણ..જે શ્રીમદ ભગવદ ગીતા... Continue Reading →

नागपंचमी का आध्यात्मिक महत्व

नागपंचमी का पर्व आया है,सावन शुक्ल पक्ष आया है। हम नागदेव की पूजा तो करते है,पर पूजा का महत्व ओर बढ़ा सकते है,जब हम आध्यात्मिक महत्व जान लेते है। सभी जीवों का महत्व है ब्रह्मांड में,यही बताया गया है सनातन धर्म में। नाग को देव माना गया हैक्योंकि हम देखे इस जीव को मान-सम्मान से,ना... Continue Reading →

हाइकु काव्य रचना (9)

मनमौजी हूंखुद में मगन हूं,एसी ही हूं मैं। ज़िंदादिल हूंखुद के अंदाज़ सेचलती हूं मैं। अन्य हाइकु काव्य रचनाएं हाइकु काव्य रचना (1) हाइकु काव्य रचना (2) हाइकु काव्य रचना (3) हाइकु काव्य रचना(4) हाइकु काव्य रचना (5) हाइकु काव्य रचना (6) हाइकु काव्य रचना (7) हाइकु काव्य रचना (8)

धनतेरस पर कुछ पंक्तियां

आज का दिन देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है और आरोग्य के देवता धन्वंतरि से भी जुड़ा हुआ है। आज ही के दिन देवता धन्वंतरि प्रकट हुए थे, जो आयुर्वेद के देव है, इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी कहा जाता है। इसीसे प्रेरणा लेकर मैंने स्वास्थ्य, धन, सुख, समृद्धि और इन सब के आध्यात्मिक दृष्टिकोण... Continue Reading →

जश्न का गीत

#ग़ज़ल ज़िंदगी में जश्न का गीत गुनगुनाना है,ग़मों की दास्तान सुनाना मन को भाता नहीं है। जब खुद के ही सुर पा ले यह मन,तब दूसरों से मिले ग़म की परवाह नहीं रहती है। जब खुद की ही लय में झूम उठे यह दिल,तब किसी से कोई फ़रियाद नहीं रहती है। जब खुद की ताल... Continue Reading →

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