जीवन का गणित

सत्व का गुणा, तमस का भागजीवन का गणित यही है। प्रेम का गुणा, नफरत का भागजीवन का गणित यही है। गुणों को जोड़ना, अवगुणों को

नया नूर आ गया

नया नूर आ गया,चेहरे पर छा गया।जब अपनों से,जो गिले-शिकवे थे,वो दूर कर दिये,तब नया नूर छा गया। कुछ उनकी गलती थी,कुछ मेरी गलती थी,जब

इश्वर याचना

जो तेरा ही है,वो तुझे अर्पण। हे ईश्वर, हे जगत पिताहम तुझे क्या दे सकते हैं? हमारा कुछ भी नहीं,तूने ही सब सर्जन किया है।

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