सेवाभावी कार्य

जैसे फूलों की महकमन को प्रसन्न करती है,वैसे अपने सेवाभावी कार्यो की महक सेदूसरों के मन को प्रसन्नता दे।

हाइकु काव्य रचना (9)

मनमौजी हूंखुद में मगन हूं,एसी ही हूं मैं। ज़िंदादिल हूंखुद के अंदाज़ सेचलती हूं मैं। अन्य हाइकु काव्य रचनाएं हाइकु काव्य रचना (1) हाइकु काव्य रचना (2) हाइकु काव्य रचना (3) हाइकु काव्य रचना(4) हाइकु काव्य रचना (5) हाइकु काव्य रचना (6) हाइकु काव्य रचना (7) हाइकु काव्य रचना (8)

મજાક (मज़ाक)

हिंदी में अनुवाद: मज़ाक के बहाने दूसरों की कमी निकालना, दूसरों के जज़्बात को ठेस पहुंचाना, नकारात्म्क शब्दों का प्रयोग करना, अपने मन की कुंठा प्रदर्शित करना ये उचित नहीं है। एसे वर्तन को मानसिक अस्थिरता कहते है। मज़ाक का उद्देश्य आनंद फैलाना है, निराशा फैलाना नहीं है।

मनपसंद कार्य

जब कोई कार्य हमारा मनपसंद होता है तब हम वह कार्य करने में खो जाते है, हमें दिल से आनंद मिलता है। उस कार्य को करने में चाहे कितनी भी बाधा आए, हम निराश नहीं होते, हर अवरोध का सामना करते है। जीवन में कुछ परेशानी हो तो भी उस वक्त वह याद नहीं आती।... Continue Reading →

The meditating face of Lord Shiva (Pencil Sketch)

ॐ नमो नीलकंठाय। Other Blogs of Lord Shiva: महा मृत्युंजय मंत्र शिव पंचाक्षर स्तोत्र (५ अक्षर: नमः शिवाय) शिव षडक्षर स्तोत्र अर्थ सहित (६ अक्षर: ॐ नमः शिवाय) शिव भक्ति की महिमा शिव मेरे शिव (Podcast)

Respect

You don't get respect by begging,You don't get it by showing superiority;You have to earn respect.Earn respect by your nature and behaviour,Earn respect for your thoughts and actions. हिंदी अनुवाद: मान-सम्मान मांगते रहने से नहीं मिलता है,अपने मुंह से अपना बड़प्पन जताने से नहीं मिलता है;मान-सम्मान कमाना पड़ता है।अपने स्वभाव और व्यवहार से कमाना पड़ता... Continue Reading →

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