खुलकर जीने का मतलब

हम जीवन तो जीते है,पर क्या खुलकर जीते है? खुलकर जीना मतलबजीवन को निभा लेना।कोसे बिन जी लेना। कोसते कोसते और रोते रोते जीना नहीं है।पर हंसते-हंसते और जीगर से जीना है। खुलकर जीना मतलबमुश्किलों का सामना करना है,मुश्किलों से डरना नहीं है। खुलकर जीना मतलबहर हालात को स्वीकार करना है,हर हालात से अनुभव पाना... Continue Reading →

परिवार की रौनक़

आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी हक़ीक़त!... Continue Reading →

#लघुकाव्य-6

हम मौज़ में,तो जग भी मज़े में दिखेगा। हम गम में,तो जग भी दुःख में दिखेगा। मन में बुरे विचार है,तो जग भी बुरा दिखेगा। जैसा हमारा भाव,वैसा हमारा जग। जैसी हमारी दृष्टि,वैसी हमारी सृष्टि। કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1 રાખ થઈ જાય સંબંધો / राख हो जाए रिश्तें लघुकाव्य-2 #લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3... Continue Reading →

Guest Post – प्रेम भावना को दर्शाती हुई कविता (પ્રેમ ભાવનાને દર્શાવતી કવિતા)

This poem is written by Mr. Laxman Kapadia. He is my friend's father. He loves to express via poetry. Uncle has written so many poems. Here is one of the poem in Gujarati Language. Enjoy reading. Kindly suggests your thoughts about this poem. I would love to hear from you! Gist of the poem in... Continue Reading →

#कला

कला एक प्रकार का नशा है, जिससे जीवन की कठोरताओं से विश्राम मिलता है।-फ्रायड कला का अंतिम और सर्वोच्च ध्येय सौंदर्य है।-गेटे

तेरे साथ से नये मायने मिले

तेरा साथ ही काफी है। जब किसी हालात से टूट जाती हूं मैं,तब तुझ में सिमट जाती हूं मैं। तुझ में ही बिखरकर,टूट जाती हूं मैं। फिर तेरा मुझे सकारात्मकता से रूबरू करवाना,फिर तेरा मुझे भरोसा दिलाना। मुझसे ज्यादा तेरा मुझ में विश्वास करना,मुझे फिर से जोड़ देता है। तेरे साथ से ही नये मायने... Continue Reading →

हमनवा बन गए

एक ही रास्ते पर चलते-चलते,हमसफ़र बन गए।जीवन सफर में चलते-चलते,हमनवा बन गए। -हरिणा

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