#One Line Quote

Life is a beauty.Death is the ultimate truth.Dreams are the driven force in life.Hope is an emotional strength in life.Harina Love Birds Be Aware! Let’s change our mindset!

સંબંધો કેવા હોય? (रिश्ते कैसे होते है?)

સંબંધો માં નિર્મળતા હોય છે,સંબંધો માં સહજતા હોય છે,સંબંધો માં મુક્તતા હોય છે. જીવન રુપી બાગમાં  પ્રેમ અને વિશ્વાસથી મહેકી ઉઠે છે સંબંધોના ફૂલ!જીવન રુપી બાગમાં મનમેળ અને સમજણથીસજી ઉઠે છે સંબંધોના ફૂલ! Translation in Hindi: रिश्ते कैसे होते है? रिश्तों में निर्मलता होती है,रिश्तों में सहजता होती है,रिश्तों में मुक्तता होती है। जीवन रुपी... Continue Reading →

प्रार्थना

प्रार्थना पर अन्य ब्लॉग: प्रभात प्रार्थना (1) प्रभात प्रार्थना (2) इश्वर याचना

ख़ूबसूरत रिश्ता पति-पत्नी का (2)

ख़ूबसूरत रिश्ता पति-पत्नी का (1) मैं दर्द महसूस करु,पर उसका एहसास तुम्हे भी होता है,यह एक रिश्ता पति-पत्नी का है। मैं खुशी महसूस करु,पर झूम तुम भी उठते हो,यह एक रिश्ता पति-पत्नी का है। तुम कहे बिना ही सुन लेते हो,मेरे दिल की आवाज़,यह एक रिश्ता पति-पत्नी का है। मैं सपने देखु,पर साकार तुम भी करना... Continue Reading →

ચંચળ મન [चंचल मन]

ચંચળ મન!મનનું તો કામ જ છે ભટકવાનું. ક્યાં ભટકે એ પાછુ,જ્યાં ભાવનાત્મક આઘાત મળ્યા હોય એ તરફ. જે માણસોએ માનસિક પીડા આપી હોય,એ તરફ જ ભટકશે આ મન. જે પરિસ્થિતિઓથી તકલીફ પડી હોય,એ તરફ જ ભટકશે આ મન. જે કશુ મેળવી ન શક્યા હોય,એ તરફ જ ભટકશે આ મન. જ્યારે જ્યારે ભટકે, આ ચંચળ મન,ત્યારે... Continue Reading →

અંતરનો સંઘર્ષ (अंतर का संघर्ष)

અંતરના સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ,માનસિક સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ. કયા સુધી અધૂરપ અનુભવીશું? કયા સુધી કડવી યાદો ને સાચવીશું? મનમાં ભરાયેલો રોષ કાઢવો પડશે ને,કોના માટે કાઢવો પડશે? આપણા જ મન ની શાંતિ માટે,આપણા જ મન ની ખુશી માટે. સ્વીકાર માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ,પૂર્ણતા માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ. અપશબ્દો બોલનાર પર દયા દાખવી... Continue Reading →

शिव षडक्षर स्तोत्र अर्थ सहित (६ अक्षर: ॐ नमः शिवाय)

Harina's Blog

शिव भगवान का पंचाक्षर मंत्र है:
नमः शिवाय।
और षडक्षर मंत्र है:
ॐ नमः शिवाय।

मंत्र के साथ, स्तोत्र भी है। आप पंचाक्षर स्त्रोत भी पढ़ सकते है, लिंक:
शिव पंचाक्षर स्तोत्र

आज मैं षडक्षर स्तोत्र की जानकारी प्रदान करूंगी।

स्तोत्र:

ॐ कारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिन:।
कामदं मोक्षदं चैव काराय नमो नमः।।१।।

नमंति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा:।
नरा नमंति देवेशं काराय नमो नमः।।२।।

महादेवं महात्मानं महाध्याय परायणम्।
महापापहरं देवं काराय नमो नमः।।३।।

शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः।।४।।

वाहनं वृषभो यस्य वासुकि कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं देवं काराय नमो नमः।।५।।

यत्र यत्र स्थितो देव: सर्वव्यापी महेश्वर:।
यो गुरु: सर्वदेवानां काराय नमो नमः।।६।।

षडक्षरमिदं स्तोत्र य: पठेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते।।७।।

हिंदी भाषा में स्तोत्र का अर्थ:

जो ॐकार के रूप में आध्यात्मिक ह्रदय केन्द्र में रहते है, जिसका योगी निरंतर ध्यान करते है, जो सभी इच्छाओं को पूरा करते है और…

View original post 225 more words

हमारी शक्ति का स्रोत [संस्कृत श्लोक- (5)]

जब हम दुनियादारी की स्वार्थ वृति से टूट जाए, तब हमें यह श्लोक निस्वार्थ वृति को फैलाने की शक्ति देता है। हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने देगा, गर विश्वास है तो ईश्वर हमारे साथ ही है क्योंकि वह हमारे भीतर ही है, हमें ही भीतर देखना है। यह श्लोक का अर्थ हम सभी को... Continue Reading →

Website Powered by WordPress.com.

Up ↑