दीपावली: छोटी सी संस्कृत प्रार्थना

प्रार्थना:-असतो मा सदगमय।तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योमामृतम् गमय।ॐ शांति शांति शांति।।अर्थात्हमको असत्य से सत्य की और ले चलो।अंधकार से प्रकाश की और ले चलो।मृत्यु से अमरता की

चिंता का पहाड

चिंता के विषय पर संस्कृत सुभाषित: चिता चिंता समानाडस्ति बिंदुमात्र विशेषत:।सजीवं दहते चिंता निर्जीवं दहते चिता।।अर्थात्चिता और चिंता समान कही गयी है पर उसमें सिर्फ

अब बस भी करो

अब बस भी करो, दकियानूसी बातों को, इच्छा के विरुद्ध, दूसरो पर थोपना, अब बंद करो। अब बस भी करो, लोगो के हिसाब से, दूसरो

दुर्गा माता के नव स्वरूप (नौवा स्वरूप)

दुर्गा माता का यह स्वरूप, हमे सिध्धीया देने वाला स्वरूप है। इसलिए यह नाम सिद्धीदात्री कहलाता है। दुर्गा माता, हमे हमारी मेहनत का फल देते

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