#संस्कृत श्लोक अर्थ सहित #एकमत होना # विवाद से मुक्त #कर्तव्य पालन

सं गच्छध्वं सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम् ।देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते ।। अर्थात्: हम मनुष्यो को (सं गच्छध्वम्) मिलकर चलना चाहिए। (सं

ભાવનાત્મક સ્વાસ્થ્ય માટે કેટલાક વિચારો / भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए कुछ विचार

હરખ એ લોકોને જ બતાવવો,જે લોકોને તમારા હરખને જોવામાં રસ હોય,ઘણાં લોકોને તમારા હરખને તોડવામાં જ રસ હશે. તમારી સિદ્ધિઓ એ લોકો સાથે જ પ્રદર્શિત

नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (2) (सभी देवी-देवताओं को भोग लगाने का मंत्र)

नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (1) (कृष्ण भगवान को भोग लगाने का मंत्र) शर्करा-खण्ड-खाद्यानि दधि-क्षीर-घृतानि च ।आहारम्‌ भक्ष्य-भोज्यम्‌ च नैवेद्यम्‌ प्रति-गृह्यताम्‌ ॥ अर्थात्: शर्करा-खण्ड ,खाध पदार्थ

नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (1) (कृष्ण भगवान को भोग लगाने का मंत्र)

त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।। अर्थात् हे गोविन्द, आपका ही सब दिया हुआ है, जो आपको ही समर्पित कर रहे हैं,हे

नया नूर आ गया

नया नूर आ गया,चेहरे पर छा गया।जब अपनों से,जो गिले-शिकवे थे,वो दूर कर दिये,तब नया नूर छा गया। कुछ उनकी गलती थी,कुछ मेरी गलती थी,जब

संस्कृत सुभाषित अर्थ सहित (3) #मूर्खो के पांच लक्षण #five signs of fools

मूर्खस्य पञ्चचिह्नानि गर्वो दुर्वचनं तथा।क्रोधस्य दृढ़वादश्च परवाक्येष्वनादर।। Translation in English: Murkhsya panchchinhani garvo durvachan tathaKrodhsya dradhvadashcha parvakyesnadar. There are five signs of fools – Pride,

इश्वर याचना

जो तेरा ही है,वो तुझे अर्पण। हे ईश्वर, हे जगत पिताहम तुझे क्या दे सकते हैं? हमारा कुछ भी नहीं,तूने ही सब सर्जन किया है।

सरस्वती द्वादश नामावली अर्थ सहित (सरस्वती देवी के १२ नाम)

प्रथमं भारती नाम द्वितीयं च सरस्वती।तृतीयं शारदा देवी चतुर्थं हंसवाहिनी।। पंचमं जगतीख्याता षष्ठं वागीश्वरी तथा।कौमारी सप्तमं प्रोक्ता अष्ठमं ब्रह्मचारिणी।। नवमं बुद्धिदात्री च दशमं वरदायिनी।एकादशं चंद्कांति

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