#International Day of Yoga #संस्कृत मंत्र से, योग का महत्व

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पतंजलिप्रार्थना

योगेनचित्तस्यपदेनवाचां
मलंशरीरस्यचवैद्यकेन ।
योऽपाकरोत्तमंप्रवरंमुनीनां
पतञ्जलिंप्राञ्जलिरानतोऽस्मि॥

हिंदी में अनुवाद:

मन की चित्त वृत्तियों को को योग से, वाणी को व्याकरण से और शरीर की अशुद्धियों को आयुर्वेद द्वारा शुद्ध करने वाले मुनियों में सर्वश्रेष्ठ महर्षि पतंजलि को में दोनों हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।

इस श्लोक को योगाभ्यास के शुरू में गाया जाता है।

‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुटहोना

आज योग का 6 वां अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहल की गई थी, यह दुनिया के लिए भारत की तरफ से उपहारहै इसलिए आज योग, सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि कई अलग अलग-अलग देशों में प्रसिद्ध हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए श्री नरेंद्र मोदी के शब्द:

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है; विचार और कार्य (क्रिया); संयम और पूर्णता…

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Book Review – Kaun he Ram!

मैं इस पोस्ट में "कौन हैं राम" किताब के बारे में साझा करना चाहुंगी। यह किताब के लेखक आशीष कुमार (ShankySalty) है।https://ashish05shanky.wordpress.com/ इस किताब में राम जी के बारे में सुंदर वर्णन है, जो काव्यात्मक ढंग से वार्तालाप जैसा है, जो इस किताब की सुंदरता को बढ़ा देता है। यह पुस्तक की विशेषताए साझा करना... Continue Reading →

मेरी माँ

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क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?
सब से निराली है, मेरी माँ।

चेहरे पर हंसी, दिल में परोपकार का भाव
स्वभाव एसा कि हमेशा लोगों को ठंडक दे।

मेरी माँ निर्मल मन की मूरत है,
मेरी माँ निश्छल मन की मूरत है।

मुझ से ही उसकी पूरी दुनिया है,
मुझ से ही उसकी सारी खुशियां है।

शांत मिज़ाज की भी झलक मिलती है,
पर मेरे साथ बातूनी मिज़ाज भी रखती है।

ठहराव और गंभीर भी रहती है,
पर मेरे साथ शरारतें भी करती है।

मेरे लिए ममता से ओतप्रोत होकर,
रसोई भी पकाती है।

मेरे साथ प्यार से ओतप्रोत होकर,
घुमने भी आती है।

हर पल मेरे लिए आशीर्वाद बरसाती है,
हर पल मेरे लिए प्यार लुटाती है।

क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?
सब से निराली है, मेरी माँ।

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सुहाना सफ़र

चलते चलते कितना सुहाना सफ़र हो गया,हर मेरी जरूरतों को तुमने बिना कहे पूरा किया। मेरे हर कार्य को तुमने आसान किया,मेरे हर जज़्बात को तुमने समझा। हर मुश्किल का एक साथ मिलकर सामना किया,हर धूप छांव में एक-दुसरे का साथ निभाया। मुश्किल हालातों में एक-दुसरे का हौसला बढ़ाया,मुश्किल हालातों को हंसते- हंसते निभाया। पति-पत्नी... Continue Reading →

Thanks a ton! #milestone

Thank you to all my readers who reads my blogs regularly, gives beautiful comments and communicates with me on my blog.I got this beautiful notification from WordPress that gives me immense pleasure. Once again thanks from the bottom of my heart. Milestone achieved! Many more to go!

The art of developing the virtue of contentment

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English translation of my published Gujarati article in the paper, Gujarati article link: સંતોષનો ગુણ વિકસાવવાની કળા

We know the power of positivity, but how we should utilize it in our life is the biggest puzzle. As every puzzle has a solution, have tried to establish a solution, hope this solution can help!

I am not talking about anything you should focus on for positive energy. Positive energy is all about just “YOU”. You are the source of positive energy but mostly we are unaware of it.

We have some set pattern in the mind about situations. When situations are in our favour we are the “happiest bird”, and if it doesn’t then we are the “sad bird”. Our happiness depends on the so-called situations and when the situations are not as per our choice we suffer in the dissatisfaction state in life.

The ultimate way to be…

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