संस्कृत श्लोक अर्थ सहित (4) #नवरात्रि #दुर्गा #सिद्धीदात्री

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ।।

अर्थात्:

आप सभी कार्यों में मंगल प्रदान करनेवाली हो, भक्त का कल्याण करने वाली हो, सभी पुरुषार्थ ( धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष) को साधने वाली हो, भक्त को शरण देने वाली गौरी हो। तीन नेत्रों वाली, हे नारायणी! आप को हम नमन करते हैं।

दुर्गा का नौवा स्वरूप सिद्धीदात्री है। हमें सभी पुरुषार्थ प्राप्त हो,एसा आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

दुर्गा माता के नव स्वरूप

Translation in English:

Sarv mangal mangalye shive sarvarth sadhike,
sharnye trayambake gauri narayani namostute.

Meaning:

O goddess, you bestow auspiciousness; you are auspicious in all the auspicious, you are holy, fulfil all the objectives of devotees (Purusharths like Dharma, Artha, Kama and Moksha). You protect those who surrender to you, you have three eyes and shining face. O Narayani, we bow down to you.

This image has an empty alt attribute; its file name is harina-book-cover.png
Buy Now: Jivan Ke Shabd
Amazon Link: Jivan Ke Shabd