नवधा भक्ति

सनातन धर्म में भक्ति के ९ प्रकार दिये हैं, जो नवधा भक्ति कही जाती है। पढीए और सोचिए.. आप कौन से प्रकार की भक्ति करते

तराशना चाहती हूँ कुछ

तराशना चाहती हूँ कुछ,निखारना चाहती हूँ कुछ। मैं ढूंढ रही हूँ,मेरी आवाज़…!जो अमानवीयता देखकर,मौन ही हो गई। मैं ढूंढ रही हूँ,मेरी द्रढता…!जो कार्यों को पूजा

વિચાર મણકા (ધૈર્યની પરીક્ષા)/ (धैर्य की परीक्षा)

તમારા સ્વભાવ માં ધૈર્ય (ધીરજ) છે કે નહી, તેની સાચી પરીક્ષા ત્યારે જ થાય છે જ્યારે તમારી સાથે વાતચીત માં કોઈ વિવેક રાખે નહી, ત્યારે

स्त्री

एक स्त्री,खुशी का धागा लेकर,अपनी मुस्कान का मोती पिरोती है।मुस्कान का मोती लेकर,अपनी चुलबुलाहट पिरोती है। एक स्त्री,आत्मविश्वास का धागा लेकर,अपनी इच्छाओं के मोती पिरोती

1 12 13 14 15 16 23