तुने ही नया रूप दिया

शुक्रिया अदा करना चाहूंगी तुम्हारा!तुने ही मुझे आकार दिया। मेरे अल्हड़पन कोप्यार और सम्मान कीठंडक देती हुईगिली मिट्टी कोऔर थोड़ी शिस्तता लाने के लिएसख्ती के

खुद का साथ

कोई मुझे समझे या न समझे,मैं खुद को समझती हूँ,वो ही बहुत है। कोई मेरे विचारों को महत्व दे या न दे,मैं खुद महत्व देती

1 12 13 14 15 16 31