डर

जैसे मौत के डर से कोई जीना नही छोड़ देता, वैसे डर डर के जीने में, क्या रखा है दोस्त? मर मर के जीने में,

एक सुंदर आदत

चलो आज….किसी और से नहींं,खुद से बातें करे।खुद के कार्य पे नज़र डाले,खुद के विचारों पे नज़र डाले,खुद से हुई भूलों को पहचाने,खुद से ही

दीपावली: छोटी सी संस्कृत प्रार्थना

प्रार्थना:-असतो मा सदगमय।तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योमामृतम् गमय।ॐ शांति शांति शांति।।अर्थात्हमको असत्य से सत्य की और ले चलों।अंधकार से प्रकाश की और ले चलों।मृत्यु से अमरता की

अब बस भी करो

अब बस भी करो,दकियानूसी बातों को, इच्छा के विरुद्ध,दूसरों पर थोपना,अब बंद करो। अब बस भी करो,लोगों के हिसाब से,दूसरों को ढालने की कोशिश,अब बंद

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