प्रेम (Reblog)

प्रेम अगर दवा है तो मर्ज भी है। प्रेम अगर सुकून है तो बैचेनी भी है। प्रेम अगर खुशी है तो दर्द भी है। प्रेम

तराजू (Scales)

जीवन के तराजू में खुशी और गम, दोनो का पलड़ा, कोई एक तरफ ही नही जूकेगा, संतुलन बना ही रहेगा। आप पर खुशीयों की बारिश

नशा

नशा ही नशाहर तरफ…..हम तो नशे में,जूम रहे है।नशा…..अपने जुनून को पाने का।नशा…..अपने मनपसंद क्षेत्र (व्य्वसाय) को पाने का।नशा…..अपने हिसाब से जिंदगी जीने का।नशा…..अपने शौक

चिंता का पहाड

चिंता के विषय पर संस्कृत सुभाषित: चिता चिंता समानाडस्ति बिंदुमात्र विशेषत:।सजीवं दहते चिंता निर्जीवं दहते चिता।।अर्थात्चिता और चिंता समान कही गयी है पर उसमें सिर्फ

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