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दुर्गा माता के नव स्वरूप ( चौथा स्वरूप)
हम “कूष्माण्डा” शब्द की संधि विच्छेद करेंगे,“कू” का अर्थ है “कुछ”, “उष्मा” का अर्थ है “ताप” और “अंडा” का अर्थ है “ब्रह्मांड” मतलब थोड़ी ही उष्मा से पूरे ब्रह्मांड को उत्पन्न किया, इसलिए यह स्वरूप कूष्माण्डा के नाम से जाना जाता है। माता ने ब्रह्मांड को अपने मंद हास्य से उत्पन्न किया था इसलिए यह…
Success Formula
Interest + Focus + Efforts = Success We all know about success. Everyone has different mindsets for success. Here is my kind of understanding about success. I want to share a simple but very effective formula for success. There are three factors in the success formula: Genuine interest with a focused approach and efforts. If…
मेरे कान्हा (મારો કૃષ્ણ)
मेरे कान्हा..जिनसे ही जगत में मधुरता है,जिनसे ही जगत में सब रस है। मेरे कान्हा..जो श्रीमद भगवद गीता से मार्गदर्शन देते हैं,जो जगत गुरु बनके मार्गदर्शन देते हैं। मेरे कान्हा..जो प्रेम अवतार हैं,जो परम तत्व हैं। Translation in Gujarati મારો કૃષ્ણ..જેનાથી જ જગતમાં મધુરતા છે,જેનાથી જ જગતમાં સર્વ રસો છે. મારો કૃષ્ણ..જે શ્રીમદ ભગવદ ગીતા…
#निष्काम कर्म #लघुकाव्य-7
नेकी के बदले नेकी चाहोगे,मान – सम्मान चाहोगे,आदर्श बनने का ख़िताब चाहोगे,तब तक मन बैचेन ही रहेगा। पर जिस दिन इस विचारधारा को अपना लोगे,“नेकी करो और दरिया में डालो”तब सही मायने में दिल को सुकूँन मिलेगा,निष्काम कर्म से ही दिल को सुकूँन मिलेगा। अन्य लघुकाव्य: કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1 રાખ થઈ જાય…
दुर्गा माता के नव स्वरूप(पांचवा स्वरूप) (मातृ स्वरूप)
श्री देवी सूक्तम स्त्रोत में माता के इस स्वरुप की झलक: १) या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। अर्थात् जो देवी सबकी माता के रूप में स्थित है, वो देवी को हम नमस्कार, नमस्कार और निरंतर नमस्कार कर रहे है। २) या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै…
जब दिल टूटता है…/ When heartbreaks…
दिल टूटता है तो,आवाज़ नहीं होती बाहर,पर अंदर बहुत ही,शोर मच जाता है। एक आंधी मच जाती है,जो हिलाकर रख देती है। आंखों से नीर बह जाते हैं,होंठों पे शब्द जम जाते हैं।मन सवालों से घिर जाता है,जज़्बात आघातों से घिर जाते हैं। Translation in English: When heartbreaks,There is no sound outside,But inside is so…


kya baat…….bahut khub.
Dhanyavad Madhusudan jii😊😊
स्वागत आपका।