देवी मंत्र / MANTRA for GODDESS (Reblog with a slight modification)

ॐ आनंदमयी चैतन्यमयी सत्यमयी परमे।अर्थात्:हे माँ, तुम आनंद का स्रोत हो, तुम चेतना का स्रोत हो,और तुम सत्य का स्रोत हो, तुम ही सर्वोच्च हो। सच्चिदानंद, यह संस्कृत शब्द का भी ध्यान किया जाता है, सच्चिदानंद का अर्थ “सत”, “चित”, “आनंद” होता है। सत का अर्थ सत्य, अस्तित्व होता है।चित का अर्थ चेतना होता है।आनंद... Continue Reading →

तराजू (SCALES) – Reblog

जीवन के तराजू में खुशी और गम, दोनो का पलड़ा, कोई एक तरफ ही नही जूकेगा, संतुलन बना ही रहेगा। आप पर खुशीयों की बारिश हो रही हो,तो भी अपने पैर जमी पर ही रखना। आप पर गम की बारिश हो रही हो,तो भी अपने दिल को तूटने मत देना। जीवन का सही मायने में... Continue Reading →

उच्च भावनात्मक बुद्धि (संवेगात्मक बुद्धि) की ओर यात्रा / A journey towards high emotional Intelligence

संवेगात्मक बुद्धि (इमोशनल इंटेलिजेन्स) स्वयं की एवं दूसरों की भावनाओं अथवा संवेगों को समझने, व्यक्त करने और नियंत्रित करने की योग्यता है। क्या हम खूबसूरत यात्रा की ओर कुछ कदम बढ़ा सकते हैं? किसी को नफरत करने के लिए बढ़े कदम, किसी को प्यार करने के लिए बढ़ाए। किसी की ईष्या करने के लिए बढ़े कदम,... Continue Reading →

Emotional wounds

"Which type of emotional wounds you get,It will not decide your life graph. What type of shape, you give to your emotional wounds,It will decide your life graph." You have only two choices:1) Always be in grief and create a mess in your life.2) convert it in art and become an artist of your life.... Continue Reading →

Epitome

Parents are the giver of life, Parents are the epitome of sacrifice with happiness. Children add beauty to life, Children are the epitome of innocence and joy. Devotion is the base of spirituality, Devotion is the epitome of Faith. Inner beauty is power in life, Inner beauty is the epitome of a pure heart and humbleness.

देवी मंत्र (ध्यान के लिए)/Goddess Mantra (For Meditation)

ॐ आनंदमयी चैतन्यमयी सत्यमयी परमे।अर्थात:हे मा, तुम आनंद का स्रोत हो, तुम चेतना का स्रोत हो,और तुम सत्य का स्रोत हो, तुम ही सर्वोच्च हो।सच्चिदानंद, यह संस्कृत शब्द का भी ध्यान किया जाता है, सच्चिदानंद का अर्थ "सत", "चित", "आनंद" होता है। सत का अर्थ सत्य, अस्तित्व होता है।चित का अर्थ चेतना होता है।आनंद मतलब... Continue Reading →

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