रामनवमी की शुभकामनाएं #लघुकाव्य

रमन्ते योगिन: अस्मिन सा रामं उच्यते।
अर्थात्
योगी ध्यान में जिस शून्य में रमते है उसे राम कहते है।

राम का नाम जपते है,
सब कार्य करते है।

राम का नाम रटते रहना है,
खुद की चेतना में खोये रहना है।

स्मरण भक्ति से
खुद को निखारना है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण के
द्वार को खोलना है।

सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं।

One thought on “रामनवमी की शुभकामनाएं #लघुकाव्य

Add yours

Leave a Reply

Up ↑

Discover more from Harina's Blog

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading