स्त्री

एक स्त्री,खुशी का धागा लेकर,अपनी मुस्कान का मोती पिरोती है।मुस्कान का मोती लेकर,अपनी चुलबुलाहट पिरोती है। एक स्त्री,आत्मविश्वास का धागा लेकर,अपनी इच्छाओं के मोती पिरोती है।अपनी इच्छाओं का मोती लेकर,अपनों का प्यार और अपनापन पिरोती है। एक स्त्री,ताकत है उसकी, खुद पर विश्वास।यही ताकत से, वो खुद संभलती है,और परिवार को संभालती है।यही है, स्त्री... Continue Reading →

विचारो की माला – तन्हाई

  तन्हाई को मिटाने के लिए,हम ख्वाहिशें बनाते हैं।पर कई बार एसा भी होता हैकि वो ही ख्वाहिशें हमें और भी तन्हा कर देती हैं।

સ્મિતની સુંદરતા (मुस्कान की सुंदरता)

લઘુકાવ્ય - 8 એક સ્મિત..મીઠી યાદો માં ખોઈ દે,હતાશા ને ભુલાવી દે;ગુસ્સા ને ઓગાળી દે;મનને આનંદથી ભરી દે;કેટકેટલું કરે,એક સ્મિત.આ જ તો છે,સ્મિતની સુંદરતા. हिन्दी में भाषांतरः मुस्कान की सुंदरता (लघुकाव्य - 8) एक मुस्कान..मीठी यादों में खो देती है,कुंठा दूर कर देती है,गुस्से को पिघला देती है,मन को आनंद से भर देती है।कितना कुछ... Continue Reading →

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