हाइकु काव्य रचना (5)
प्रेम में ही है,
छिपी जीवन डोर,
न तोड उसे।
प्रेम में ही है,
छिपी जीवन डोर,
न तोड उसे।
क्यों सोचते हो, आत्महत्या के बारे में?सोचो अपनों के और चाहनेवालों के बारे में। तुम अकेले नहीं हो,तुम्हारा परिवार और दोस्त भी हैं। जीवन में हर तरह का संघर्ष है,इसलिए हमारे मन में मानसिक शक्ति है,मानसिक शक्ति से संघर्ष को दूर करो। जीवन में हर तरह की तकलीफें है,इसलिए हमारे भीतर हौसला है,हौसले से तकलीफों…
मैं यह कविता अपनी बेटी को समर्पित करना चाहती हूँ। आज नवरात्रि के दूसरे दिन उसका तिथि अनुसार जन्मदिन है। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएँ। नवरात्रि का दूसरा दिन है,ब्रह्मचारिणी स्वरूप का दिन है। मेरे लिए बहुत ही बड़ा दिन है,मेरे लिए बहुत ही खास दिन है। मेरे घर में पिछले साल इसी दिन,लक्ष्मी…
चलो! आज कोई कविता लिखी जाए। दिल में झांककर जज़्बात को पढ़ा जाए। जज़्बात को शब्दों में पिरोया जाए। शब्दों को पिरोकर अर्थ दिया जाए। अपने भावों को व्यक्त किया जाए। आज का दिन खूबसूरत बनाया जाए। चलो! आज कोई कविता लिखी जाए।
हर पल नया है,हर पल नये बनो तुम। एक ही सोच पर चलोगे,तो कहीं थम जाओगे तुम। समय के परिवर्तन के साथ,विचारों को परिवर्तित करो तुम। नये नये अनुभवों से,नयी सोच बनाओ तुम। समय के परिवर्तन के साथ,प्रकृति में भी परिवर्तन आता है। तुम्हारे भीतर भी परिवर्तन कीरौशनी जगाओ तुम। नयी उंचाई को छूनेनयी राह…
दर्द में हो तोखुशी का अभिनय,क्यों करते हो? आंखों से दर्दछिप नहीं सकता,बयां कर दो।
तुम सुर बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत तराना बन गया। तुम राग बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत साज़ बन गया। तुम गीत हो, मैं तुम्हारे शब्द हूँकुछ एसा ही प्यारा रिश्ता है हमारा। हमारे रिश्ते से जीवन का नया अर्थ मिला,जीवन की धुन को नया संगीत मिला।
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अति सुन्दर
धन्यवाद 😊