हाइकु काव्य रचना (3)
मन ही मन,
क्यों सोचता रहेता,
कर के दिखा।
This is a demo store for testing purposes — no orders shall be fulfilled. Dismiss
मन ही मन,
क्यों सोचता रहेता,
कर के दिखा।
स्त्री का हर रूप, ममता की मूरत है,बेटी हो या बहन, पत्नी हो या माँ हो,हर रूप ममता से छलकता है। एक बेटी अपने पिता कीहर छोटी-छोटी बात का ख्याल रखती है,ये ममता का ही रूप है। एक लड़की अपने भाई पर,बेशुमार प्यार लुटाती है,ये ममता का ही रूप है। एक स्त्री अपने परिवार कीपूरे…
प्रेम में ही है,छिपी जीवन डोर,न तोड उसे।
शिव मेरे शिव,आप को सत् सत् वंदन।आप ही भोलेनाथ और आप ही महादेव,आप ही महाकाल और आप ही आदिदेव। रूप अनेक है मेरे शिव के,सौम्य रूप भी आपका,रौद्र रूप भी आपका,नटराज रूप भी आपका। तीन हैं नेत्र शिव के,भस्म है तन पे शिव के,वस्त्र है बाघ खाल का तन पे शिव के,सर्प है गले में…
हनुमान जयंती के पवित्र दिन परहनुमान जी का ध्यान करते है। हनुमान जी के गुणों से प्रेरणा लेकरअपना आध्यात्मिक विकास करते है। सेवाभावी बनने की कोशिश करते है,विनम्र बनने की कोशिश करते है। ख़ुद के आदर्शों परचलने की कोशिश करते है। ख़ुद के लक्ष्य के प्रति समर्पणभाव रखने की कोशिश करते है। जीवन के प्रश्नों…
चंचल सा है,पर दृढ़ सा भी है,यही मन है।
तुम्हारा साथ मतलब खूबसूरत पल। तुम्हारा साथ मतलबआज के लिए, बहुत सारी खुशियां,कल के लिए, बहुत सारी यादें। तुम्हारा साथ, मुझे उर्जा देता है,जैसे फूलों की सुगंध उर्जा देती है,जैसे सूर्य की किरण उर्जा देती है। तुम्हारा साथ, मुझे फिर से जीवंत बनाता है,जैसे एक संगीतकार को सुर जीवंत बनाता है,जैसे एक गीतकार को शब्द…
Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.
Wah… Karmayog…
Thank you 😊😊
योग: कर्मसु कौशलम् (कुशलता से कर्म करना ही योग है।)
आपने कर्मयोग कहा तो मूझे ये याद आ गया।☺️
Bahut khoob
बहुत बहुत धन्यवाद 😊
Bahut sundar… Karm hi pooja hai..