हाइकु काव्य रचना(4)
पेड़ पौधे में,
छिपा हुआ जीवन,
पेड़ को बोए।
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पेड़ पौधे में,
छिपा हुआ जीवन,
पेड़ को बोए।
अलग-अलग रंग सुंदरता को दर्शाते है,चलिए! इस होली में रंगों से जीवन को सुंदर बनाए। मन से मानसिक दुर्बलता दूर करे,कपट, घृणा व शत्रुता दूर करे;मन को सबल बनाए। अपनो से हुए गिले-शिकवे से उपर उठकर,मन को सुंदर रंगों से सजाएं;निस्वार्थ और निष्कपट के रंग से सजाएं। आप सब को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।
प्रेम के जज़्बात को समझने कासलीका सिखा दिया तूने। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। शब्दों की उलझन में न रहकरनज़रअंदाज करना सिखा दिया तूने। रिश्तों को ख़ूबसूरती से जीने कासलीका सिखा दिया तूने। जब स्नेह अतूट होता है,तब शब्द मायने नहीं रखते है। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। ए…
पूर्व युग में भगवान को पूजते थे, और आज के युग में पैसों को पूजते है। द्वापर युग में तो कृष्ण की लीलाएं थी, और कलयुग में पैसों की लीलाएं है। कृष्ण की लीलाएं जैसे, गोकुल में गायों को चराना, गोपीयों के घर से माखन चुराकर खाना, अधर्म जैसी सोच रखनेवाले कंसमामा को हराना, द्रोपदी…
मन ही मन,क्यों सोचता रहेता,कर के दिखा।
एक स्त्री,खुशी का धागा लेकर,अपनी मुस्कान का मोती पिरोती है।मुस्कान का मोती लेकर,अपनी चुलबुलाहट पिरोती है। एक स्त्री,आत्मविश्वास का धागा लेकर,अपनी इच्छाओं के मोती पिरोती है।अपनी इच्छाओं का मोती लेकर,अपनों का प्यार और अपनापन पिरोती है। एक स्त्री,ताकत है उसकी, खुद पर विश्वास।यही ताकत से, वो खुद संभलती है,और परिवार को संभालती है।यही है, स्त्री…
प्यार के मिलन की राह में,तकती है ये आंखें। दो दिलों के मिलन की राह में,तकती है ये आंखें। मिलन हो,तो जैसे मंज़िल पाएं। मिलन हो,तो जैसे नया मंज़र पाएं। जो हम मिल जाएं,तो हम खिल जाएं। जो हम मिल जाएं,तो नया जहां बसाएं। अब बर्दाश्त नहीं दूरी,जब प्यास बढ़ी मिलन की। प्यार के मिलन…
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Satya vachan… 🙂