#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3

અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,
પ્રસન્નતા ની આજે!
જાણે કે પરમ આનંદ નાં,
પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે!
हिंदी में अनुवाद
अंतर महक उठा है,
प्रसन्नता से आज!
जैसे कि परम आनंद के
फूल खिले हो आज!

અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,
પ્રસન્નતા ની આજે!
જાણે કે પરમ આનંદ નાં,
પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે!
हिंदी में अनुवाद
अंतर महक उठा है,
प्रसन्नता से आज!
जैसे कि परम आनंद के
फूल खिले हो आज!
स्वयंज्योति: स्वयंप्रज्ञा भवतु। हिंदी में अर्थ: स्वयं ही अपना प्रकाश बनो और स्वयं ही अपनी विवेक बुद्धि का प्रयोग कीजिए। Translation in English: Be your light by yourself and implement your wisdom by yourself in life.
गर आपको किसी को समझने में ग़लतफ़हमी हुई हो,तो यह बात मान लीजिएगा कि उस व्यक्ति को परखने में आपने ही कही “पूर्वाग्रह का चश्मा” पहना होगा। बेवजह तो ग़लतफ़हमी नहीं होती है। दूसरों पर ऊंगली करने से पहले,खुद अपने बर्ताव पे भी नज़र करना,खुद अपने मन के भाव पर भी नज़र करना। अगली बार…
जब हम चारों और से मुश्किलों से घिरे हुए होते हैं तब आशा, सूरज की एक किरण की तरह कार्य करती है, हमें रौशनी तक ले ही जाती है। दिये की लौ, तब ही ज्यादा फड़फड़ाती है,जब दिया बुझने वाला होता है और जैसे सवेरा होने से पहले घनघोर अंधेरा रात का होता है, वैसे…
Hindi Translation: कविता का सौंदर्य नये नये शब्द,जैसे श्रृंगार कर रहे हैं,हमारे मन में। नये नये जज़्बात,जैसे श्रृंगार कर रहे हैं,हमारे दिल में। और काग़ज़ पर,छलक जाता है,सौंदर्य कविता का। English Translation: Beauty Of the Poem: Every new wordCreates beautyIn our mind. Every new feelingCreates beautyIn our heart. And with this rhythmWe can getThe beauty…
किसी के मन के भाव जानने है,तो हर बार शब्दों की ही ज़रूरत नहीं पड़ती। किसी को समझने के लिए, इच्छा होनी चाहिए,किसी को परखने के लिए, नज़र होनी चाहिए। तो किसी के मन के भाव,दिल से भी पढ़ें जा सकते है। विचारो की माला के अन्य ब्लॉग: विचारो की माला- गिरने का डर (सवाल-जवाब…
चुटकुला: 1 लड़की (लड़के से): बोलते हो कि, हॅस मत पगली, वरना प्यार हो जाएगा, तो क्या रोने से प्यार मिट जाएगा?🤔 लडका (अपना सिर पकड़कर) : बस कर पगली, वरना दिमाग घूम जाएगा।🙄😫😭 चुटकुला: 2 एक आदमी एक बड़ी हवेली के पास से गुजर रहा था और उसने हवेली के बाहर पढ़ा: “डरना मना…
Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.
5 Comments