#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3

અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,
પ્રસન્નતા ની આજે!
જાણે કે પરમ આનંદ નાં,
પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે!
हिंदी में अनुवाद
अंतर महक उठा है,
प्रसन्नता से आज!
जैसे कि परम आनंद के
फूल खिले हो आज!

અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,
પ્રસન્નતા ની આજે!
જાણે કે પરમ આનંદ નાં,
પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે!
हिंदी में अनुवाद
अंतर महक उठा है,
प्रसन्नता से आज!
जैसे कि परम आनंद के
फूल खिले हो आज!
प्रेम को मांगते रहने के बजाय प्रेम का स्रोत बनें।प्रेम के दाता बनें। दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय प्रेरणा का स्रोत बनें।प्रेरणा के दाता बनें। ज्ञान का स्रोत बनें।स्वयं अपना नेतृत्व करें। Translation in English: Become a source of love instead of begging for love.Become a giver of love. Become a source of motivation…
मत रो ना तु,दिल के ज़ख्म सब,संभाल ले तु।
रमन्ते योगिन: अस्मिन सा रामं उच्यते।अर्थात्योगी ध्यान में जिस शून्य में रमते है उसे राम कहते है। राम का नाम जपते है,सब कार्य करते है। राम का नाम रटते रहना है,खुद की चेतना में खोये रहना है। स्मरण भक्ति सेखुद को निखारना है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण केद्वार को खोलना है। सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं।
लोग जिस राह पर चलाना चाहते हैं, उस राह पर ज़बरदस्ती से चलकर हम बेरंग हो जाते है पर खुद की इच्छाओं को जानकर, खुद के रंगों को जानकर, राह चुनेंगे तो ज़िंदगी में खूबसूरती का रंग होगा। दुनिया की शक्ल में ढलकर बेरंग नहीं होना है,पर खुद के अंदाज़ में रहकर खुद के रंग…
ममता रस प्रेम रस से भरा, मनभावन!
ब्रह्म का अर्थ अनंत, ब्रह्मांड (चेतना) है और चारीणी का अर्थ आचरण में लाना है मतलब जिन्होंने ब्रह्म की प्राप्ति की है। यह स्वरूप पूर्ण ज्योर्तिमय स्वरूप है। श्री देवी सूक्तम स्त्रोत में एक पंक्ति है, जो ब्रह्मचारीणी स्वरूप की झलक दे जाती है। या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। अर्थात् जो देवी…
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