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સંતોષનો ગુણ વિકસાવવાની કળા
આપણે સકારાત્મકતાની શક્તિ જાણીએ છીએ, પરંતુ આ શકિતનો આપણા જીવનમાં ઉપયોગ કેવી રીતે કરવો જોઈએ તે વિશે સતત ગૂંચવણ રહે છે. આ લેખમાં સ્પષ્ટતા આપવાનો પ્રયાસ કર્યો છે. સકારાત્મક ઊર્જા બહાર શોધવાની જરૂર નથી પણ તમારી અંદર જ છે, તમે જ સકારાત્મક ઊર્જાનો સ્ત્રોત છો. પરંતુ આપણને આપણી અંદર ઝાંકવાની ટેવ હોતી નથી. આપણા જીવનમાં…
जीवन में साहित्य की महिमा
कुछ मुश्किल हालातों की धूप में,साहित्य जैसे छाँव की तरह है। कुछ अनुभवों की मानसिक थकावट में,साहित्य जैसे मन में उर्जा का संचार है। कुछ पहलुओं की उलझनों में,साहित्य जैसे सुलझन की तरह है। कुछ संकुचित मानसिकता के विष में,साहित्य जैसे अमृत की तरह है। साहित्य वाचन का बड़ा ही महत्व है, साहित्य से हमें…
अगर आप की इच्छा हो तो
Reference of this picture: https://www.facebook.com/415168005226783/posts/2744799328930294/?sfnsn=mo यह बात से प्रेरणा लेकर, मैंने एक रचना की है, जो इस प्रकार से है। अगर आप की इच्छा हो तो हर लम्हा बेहतरीन,बनाया जा सकता है,अगर आप की इच्छा हो तो। हर दिन को त्योहार,बनाया जा सकता है,अगर आप की इच्छा हो तो। अगर या मगर,आप छोड़ दे,तो कुछ…
सकारात्मक सोच की शक्ति
जब कुछ भी हमारे हाथ में न हो,सब कुछ गवा चुके हो। तब डर ने से कुछ नहीं बदलेगा।तब सकारात्मक सोच ही रखना। क्योंकि डर नकारात्मक ऊर्जा को खींचता है,निराशा में डूबना भी नकारात्मक ऊर्जा को खींचता है,और सकारात्मक सोच सकारात्मक उर्जा को खींचती है। तो जब हालात बेकाबू हो जाए, तब भी सोच सकारात्मक…
Short poem: Do not go around the edges
Do not go around the edges or else you’ll fall. No good that place or else you slip. Reference: Poem by Daisy Utemorrah
दुर्गा माता के नव स्वरूप (दूसरा स्वरूप)
ब्रह्म का अर्थ अनंत, ब्रह्मांड (चेतना) है और चारीणी का अर्थ आचरण में लाना है मतलब जिन्होंने ब्रह्म की प्राप्ति की है। यह स्वरूप पूर्ण ज्योर्तिमय स्वरूप है। श्री देवी सूक्तम स्त्रोत में एक पंक्ति है, जो ब्रह्मचारीणी स्वरूप की झलक दे जाती है। या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। अर्थात् जो देवी…

