#जिगर में दम #मेरे विचारों की माला

जिसके जिगर में होता है दम,
टिकने नहीं देता है उसका ग़म।
इन्हें भी पढ़ें:
मेरे विचारों की माला #राह #बेरंग #दुनिया की शक्ल #खुद के अंदाज़

जिसके जिगर में होता है दम,
टिकने नहीं देता है उसका ग़म।
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मेरे विचारों की माला #राह #बेरंग #दुनिया की शक्ल #खुद के अंदाज़
”YE AINAA HE” song from Kabir Singh movie inspired me to write a beautiful poem and sing a song. Hope you like it! My expression in the form of poetry. तुम मेरा आयना हो। तुम से ही मैंनेखुद को देखा। तुम से ही मैंनेमेरी खूबसूरती देखी। तुम से ही मैंनेमेरी हर अदा देखी। तुम से…
चलो! आज कोई कविता लिखी जाए। दिल में झांककर जज़्बात को पढ़ा जाए। जज़्बात को शब्दों में पिरोया जाए। शब्दों को पिरोकर अर्थ दिया जाए। अपने भावों को व्यक्त किया जाए। आज का दिन खूबसूरत बनाया जाए। चलो! आज कोई कविता लिखी जाए।
तड़पता है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को। ज़ख्म है ताज़ेपर शब्द नहीं हैबयां करने को। गम का सैलाब है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को।
“आपने जो भी पढ़ा है उसमें से यदि पाँच विचारों को भी अगर आत्मसात किया है और उससे अपना चरित्र निर्माण किया है, जीवन में उतारा है तो आपके पास किसी भी ऐसे व्यक्ति की तुलना में अधिक ज्ञान है, जिसने क्यों न पूरे पुस्तकालय का ज्ञान भी कंठस्थ कर लिया हो।” -स्वामी विवेकानंद
नेकी के बदले नेकी चाहोगे,मान – सम्मान चाहोगे,आदर्श बनने का ख़िताब चाहोगे,तब तक मन बैचेन ही रहेगा। पर जिस दिन इस विचारधारा को अपना लोगे,“नेकी करो और दरिया में डालो”तब सही मायने में दिल को सुकूँन मिलेगा,निष्काम कर्म से ही दिल को सुकूँन मिलेगा। अन्य लघुकाव्य: કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1 રાખ થઈ જાય…
माँ..माँ जो मूल प्रकृति है,माँ जो जगजननी है,माँ जो शक्ति है,माँ जो सर्जन शक्ति है। माँ..जिनकी आराधना का पर्व आया है,पहले तीन दिन माँ काली की आराधना करनी है,दूसरे तीन दिन माँ लक्ष्मी की आराधना करनी है,आख़िरी तीन दिन माँ सरस्वती की आराधना करनी है। नवरात्रि की हार्दिकशुभकामनाएं। अन्य रचनाएं भी पढ़ें: त्रिदेवी की आराधना का पर्व…
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Waaah😍
☺️☺️
bahut khub….
waise kuchh gam mitate nhi
bhale hi kyun naa dikhte nahi