|

बयां नहीं कर सकते


तड़पता है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।

ज़ख्म है ताज़े
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।

गम का सैलाब है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।


Similar Posts

11 Comments

Leave a Reply