नागपंचमी का आध्यात्मिक महत्व

नागपंचमी का पर्व आया है,सावन शुक्ल पक्ष आया है। हम नागदेव की पूजा तो करते है,पर पूजा का महत्व ओर बढ़ा सकते है,जब हम आध्यात्मिक महत्व जान लेते है। सभी जीवों का महत्व है ब्रह्मांड में,यही बताया गया है सनातन धर्म में। नाग को देव माना गया हैक्योंकि हम देखे इस जीव को मान-सम्मान से,ना... Continue Reading →

गुरु पूर्णिमा

आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं| गुरु पूर्णिमा पर मेरे पुराने ब्लॉगों के कुछ लिंक यहां दिए गए हैं। गुरु का महत्व- संस्कृत श्लोक (पहला भाग) गुरु के लिए नया नज़रिया दर्शाती हुई कविता! (दूसरा भाग) भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु (तीसरा भाग) ગુરુ પૂર્ણિમા નિમિત્તે વિશેષ ગઝલ (गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष ग़ज़ल) દત્તાત્રેય ગુરુની... Continue Reading →

हाइकु काव्य रचना (9)

मनमौजी हूंखुद में मगन हूं,एसी ही हूं मैं। ज़िंदादिल हूंखुद के अंदाज़ सेचलती हूं मैं। अन्य हाइकु काव्य रचनाएं हाइकु काव्य रचना (1) हाइकु काव्य रचना (2) हाइकु काव्य रचना (3) हाइकु काव्य रचना(4) हाइकु काव्य रचना (5) हाइकु काव्य रचना (6) हाइकु काव्य रचना (7) हाइकु काव्य रचना (8)

धनतेरस पर कुछ पंक्तियां

आज का दिन देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है और आरोग्य के देवता धन्वंतरि से भी जुड़ा हुआ है। आज ही के दिन देवता धन्वंतरि प्रकट हुए थे, जो आयुर्वेद के देव है, इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी कहा जाता है। इसीसे प्रेरणा लेकर मैंने स्वास्थ्य, धन, सुख, समृद्धि और इन सब के आध्यात्मिक दृष्टिकोण... Continue Reading →

हाइकु काव्य रचना (7)

दर्द में हो तोखुशी का अभिनय,क्यों करते हो? आंखों से दर्दछिप नहीं सकता,बयां कर दो।

ગુરુ પૂર્ણિમા નિમિત્તે વિશેષ ગઝલ (गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष ग़ज़ल)

ગુરુ અને શ્રદ્ધા નો મહિમા દર્શાવતી ગઝલ: આધ્યાત્મિક ગઝલ જ્યારથી શ્રદ્ધાની કૂંપળ ફુટી અંતરમાં જાણે!ત્યારથી જિંદગીની ડાળી પર કળી ખીલી ઉઠી જાણે! જ્યારથી આધ્યાત્મિક પ્રગતિનો સૂર્યોદય થયો,ત્યારથી શંકા- ગૂંચવણના વાદળ હટી ગયા જાણે! જ્યારથી ગુરુનું શરણ પામી લીધું,ત્યારથી ચિંતા આપમેળે જ છુટી ગઈ જાણે! દ્રઢ વિશ્વાસ જો ખુદ પર હોય,દરેક કાર્ય સરળ થઈ જાય જાણે!... Continue Reading →

मेरी माँ

आज मेरी माँ के जन्मदिन के मौके पर मैं यह कविता मेरी माँ को समर्पित करती हूं। क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?सब से निराली है, मेरी माँ। चेहरे पर हंसी, दिल में परोपकार का भावस्वभाव एसा कि हमेशा लोगों को ठंडक दे। मेरी माँ निर्मल मन की मूरत है,मेरी माँ निश्छल मन की... Continue Reading →

આંસુ સાથે વાત કરીએ / आँसू के साथ बात करें

આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની સાથે ઓળખાણ વધારીએ. કેમ એ આંખોમાંથી ટપકી પડે છે,એ શોધવાનો પ્રયત્ન કરીએ. કોઈ ખાસ ના પ્રેમના વિરહમાં,લાગણીઓ ભીની થઈ જાય છે. કોઈ ખાસ ના પ્રેમને પામવા માટે,આંખો ભીની થઈ જાય છે. લાગણીઓના અરસપરસ પ્રદાનનો પ્રવાહ ખુટે છે,એટલે જ આંખોમાંથી આંસુનો પ્રવાહ વધે છે. આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની... Continue Reading →

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