नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (1) (कृष्ण भगवान को भोग लगाने का मंत्र)

त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।। अर्थात् हे गोविन्द, आपका ही सब दिया हुआ है, जो आपको ही समर्पित कर रहे हैं,हे परमेश्वर, आपके मुख के सामने जो भी है, उसे प्रसन्नता से ग्रहण करें। अन्य संस्कृत ब्लॉग: उपनिषद वचन #संस्कृत #योग / SANSKRIT QUOTES WITH MEANING (3) अच्छे स्वास्थ्य के लिए... Continue Reading →

नया नूर आ गया

नया नूर आ गया,चेहरे पर छा गया।जब अपनों से,जो गिले-शिकवे थे,वो दूर कर दिये,तब नया नूर छा गया। कुछ उनकी गलती थी,कुछ मेरी गलती थी,जब वो समझ में आया,तब मन से बोझ चला गया। जब मन दूसरों को माफ करने लगा,तब मन में शांति का निर्झर बहने लगा।दूसरों को वो जैसे है,वैसे ही स्वीकार कर... Continue Reading →

#Quote #flowers

The flower that inspires you to smile from your heart.The flower that inspires you to feel beauty in life. Other inspirational flower quotes: “A flower does not think of competing with the flower next to it. It just blooms.” Zen Shin talks (Book by a Japanese monk named Ogui (Sensei) “A flower blossoms for its... Continue Reading →

संस्कृत सुभाषित अर्थ सहित (3) #मूर्खो के पांच लक्षण #five signs of fools

मूर्खस्य पञ्चचिह्नानि गर्वो दुर्वचनं तथा।क्रोधस्य दृढ़वादश्च परवाक्येष्वनादर।। Translation in English: Murkhsya panchchinhani garvo durvachan tathaKrodhsya dradhvadashcha parvakyesnadar. There are five signs of fools - Pride, abusive language, anger, stubborn arguments and disrespect for other people's opinion.Fools used to live in arrogance, they get angry very easily and lose their temper, stupid people use abusive language,... Continue Reading →

इश्वर याचना

जो तेरा ही है,वो तुझे अर्पण। हे ईश्वर, हे जगत पिताहम तुझे क्या दे सकते हैं? हमारा कुछ भी नहीं,तूने ही सब सर्जन किया है। गर प्रकृति से कुछ अर्पण करें,हमनें कहां प्रकृति को बनाया है?तूने ही ये सब सर्जन किया है। जो तेरा ही है,वो तुझे अर्पण। हम सिर्फ प्रेम-भाव ही दे सकते हैं,हम... Continue Reading →

सरस्वती द्वादश नामावली अर्थ सहित (सरस्वती देवी के १२ नाम)

वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रथमं भारती नाम द्वितीयं च सरस्वती।तृतीयं शारदा देवी चतुर्थं हंसवाहिनी।। पंचमं जगतीख्याता षष्ठं वागीश्वरी तथा।कौमारी सप्तमं प्रोक्ता अष्ठमं ब्रह्मचारिणी।। नवमं बुद्धिदात्री च दशमं वरदायिनी।एकादशं चंद्कांति द्वादशं भुवनेश्वरी।। ब्राह्या: द्वादश नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्तर:।जिह्वाग्रे वसते नित्यं ब्रह्मारूपा सरस्वती।। १२ नाम के अर्थ: १) भारती - वाणी की देवी २) सरस्वती -... Continue Reading →

विचारों में परिवर्तन

हर पल नया है,हर पल नये बनो तुम। एक ही सोच पर चलोगे,तो कहीं थम जाओगे तुम। समय के परिवर्तन के साथ,विचारों को परिवर्तित करो तुम। नये नये अनुभवों से,नयी सोच बनाओ तुम। समय के परिवर्तन के साथ,प्रकृति में भी परिवर्तन आता है। तुम्हारे भीतर भी परिवर्तन कीरौशनी जगाओ तुम। नयी उंचाई को छूनेनयी राह... Continue Reading →

MY COMPANION

Hey, my dear companion! Your Company means beautiful moments for me, Your company is a favourite for me. Hey, my dear companion! Your company means lots of fun for today, Your company means lots of memories for tomorrow. Hey, my dear companion! Your company energies me like the fragrance of the flower, Your company energies... Continue Reading →

Up ↑