किसी के मन के भाव जानने है,तो हर बार शब्दों की ही ज़रूरत नहीं पड़ती। किसी को समझने के लिए, इच्छा होनी चाहिए,किसी को परखने के लिए, नज़र होनी चाहिए। तो किसी के मन के भाव,दिल से भी पढ़ें जा सकते है। विचारो की माला के अन्य ब्लॉग: विचारो की माला- गिरने का डर (सवाल-जवाब... Continue Reading →
पूर्वाग्रह का चश्मा
गर आपको किसी को समझने में ग़लतफ़हमी हुई हो,तो यह बात मान लीजिएगा कि उस व्यक्ति को परखने में आपने ही कही "पूर्वाग्रह का चश्मा" पहना होगा। बेवजह तो ग़लतफ़हमी नहीं होती है। दूसरों पर ऊंगली करने से पहले,खुद अपने बर्ताव पे भी नज़र करना,खुद अपने मन के भाव पर भी नज़र करना। अगली बार... Continue Reading →
#प्रेम #स्वतंत्रता
"स्वतंत्रता मनुष्य की परम इच्छा है, स्वतंत्रता में ही मनुष्य खिल सकता है, ध्यान करने से स्वतंत्रता पाएंगे।स्वतंत्रता को तुम्हारा केन्द्र और प्रेम को तुम्हारी परिधि बन जाने दो और तुम एक संपूर्ण अस्तित्व हो जाओगे।"ओशो
#संस्कृत श्लोक अर्थ सहित (3) #एकमत होना # विवाद से मुक्त #कर्तव्य पालन
सं गच्छध्वं सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम् ।देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते ।। अर्थात्:हम मनुष्यो को (सं गच्छध्वम्) मिलकर चलना चाहिए। (सं वदध्वम्) मिलकर बोलना चाहिए। हमारे मन एक प्रकार के विचार करें, जैसे प्राचीन देवो या विद्वानों ने एकमत होकर अपने - अपने भाग को स्वीकार किया, इसी प्रकार हम भी एकमत... Continue Reading →
ભાવનાત્મક સ્વાસ્થ્ય માટે કેટલાક વિચારો / भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए कुछ विचार
હરખ એ લોકોને જ બતાવવો,જે લોકોને તમારા હરખને જોવામાં રસ હોય,ઘણાં લોકોને તમારા હરખને તોડવામાં જ રસ હશે. તમારી સિદ્ધિઓ એ લોકો સાથે જ પ્રદર્શિત કરો,જે લોકોને તમારી સફળતા માટે ગર્વ કરવામાં રસ હોય,ઘણાં લોકોને તમારી ઈર્ષા કરવામાં જ રસ હશે. દિલની વાત એ લોકો સાથે જ કરો,જે લોકોને તમારી વાત સાંભળવા માં રસ હોય,ઘણાં... Continue Reading →
पिंजरा या स्वतंत्रता (CAGE OR FREEDOM)
मैं यहां दो दृष्टिकोणों के बारे में बात करूंगी। पहला दृष्टिकोण यह है कि लोगों को अपने मुताबिक़ नियंत्रित करने से हम खुद को ही भावनात्मक बंधन के पिंजरे में ले जाते हैं। एसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी इच्छा लोग पूरी करते हैं तो हम खुश होते हैं और नहीं करते हैं तो हम... Continue Reading →
🌼प्रभात प्रार्थना (2)🌼
हे देवी-देवता 🙏 हमें आशीर्वाद दें, हम एसे चरित्र निर्माण करेंकि जिस राह को चुने,उस पर नीति से चले,श्रद्धा और परिश्रम से कदम बढ़ाते रहें। हम एसी सोच का निर्माण करेकि मन का विश्वास आंतरिक है, बाह्य नहीं,दूसरों पर आधारित न रहें,आत्मविश्वास और आत्मबल से कदम बढ़ाते रहें। आप से बस यही प्रार्थना है। प्रभात... Continue Reading →
नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (2) (सभी देवी-देवताओं को भोग लगाने का मंत्र)
नैवेद्य मंत्र अर्थ सहित (1) (कृष्ण भगवान को भोग लगाने का मंत्र) शर्करा-खण्ड-खाद्यानि दधि-क्षीर-घृतानि च ।आहारम् भक्ष्य-भोज्यम् च नैवेद्यम् प्रति-गृह्यताम् ॥ अर्थात्: शर्करा-खण्ड ,खाध पदार्थ दही, दूध, घी जैसी खाने की वस्तुओं से युक्त भोजन आप ग्रहण करें। संस्कृत अन्नवर्ग शब्दावली:शर्करा-खण्ड - बताशा आदि मिठाईदधि - दहीक्षीर- दूधघृत - घी Buy Now: Jivan Ke ShabdAmazon... Continue Reading →
ममता के कई रूप #Happy Women’s Day
स्त्री का हर रूप, ममता की मूरत है,बेटी हो या बहन, पत्नी हो या माँ हो,हर रूप ममता से छलकता है। एक बेटी अपने पिता कीहर छोटी-छोटी बात का ख्याल रखती है,ये ममता का ही रूप है। एक लड़की अपने भाई पर,बेशुमार प्यार लुटाती है,ये ममता का ही रूप है। एक स्त्री अपने परिवार कीपूरे... Continue Reading →
