पेड़ पौधे में,छिपा हुआ जीवन,पेड़ को बोए।
સ્મિતની સુંદરતા (मुस्कान की सुंदरता)
લઘુકાવ્ય - 8 એક સ્મિત..મીઠી યાદો માં ખોઈ દે,હતાશા ને ભુલાવી દે;ગુસ્સા ને ઓગાળી દે;મનને આનંદથી ભરી દે;કેટકેટલું કરે,એક સ્મિત.આ જ તો છે,સ્મિતની સુંદરતા. हिन्दी में भाषांतरः मुस्कान की सुंदरता (लघुकाव्य - 8) एक मुस्कान..मीठी यादों में खो देती है,कुंठा दूर कर देती है,गुस्से को पिघला देती है,मन को आनंद से भर देती है।कितना कुछ... Continue Reading →
हाइकु काव्य रचना (3)
मन ही मन,क्यों सोचता रहेता,कर के दिखा।
हाइकु काव्य रचना (2)
रौशनी तु है,तेरा दिपक तु है,तु ही सब है।
हाइकु काव्य रचना (1)
चंचल सा है,पर दृढ़ सा भी है,यही मन है।
एक सुंदर आदत
चलो आज....किसी और से नहींं,खुद से बातें करे।खुद के कार्य पे नज़र डाले,खुद के विचारों पे नज़र डाले,खुद से हुई भूलों को पहचाने,खुद से ही भूलों को सुधारे। चलो आज.... किसी और का नहीं, खुद का मूल्यांकन करे। खुद को जानने से ही, जीवन में होगा सुर, वरना होगा बेसुरा। चलो आज....एक आदत बनाए।थोड़े थोड़े... Continue Reading →
गणेश उत्सव
गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं गणेश उत्सव यानीभक्ति का उत्सव,गणेश जी के अनोखे स्वरुप का उत्सव;गणेश जी के प्रतीक से प्रेरणा लेने का उत्सव,प्रेरणा लेकर वैसे ही गुणों को विकसित करने का उत्सव;गणेश जी की भक्ति से मन की मलिनता मिटाने का उत्सव;गणेश जी की भक्ति से मन को निर्मल बनाने का उत्सव। गणेश जी... Continue Reading →
शिव मेरे शिव (Podcast)
शिव मेरे शिव,आप को सत् सत् वंदन।आप ही भोलेनाथ और आप ही महादेव,आप ही महाकाल और आप ही आदिदेव। रूप अनेक है मेरे शिव के,सौम्य रूप भी आपका,रौद्र रूप भी आपका,नटराज रूप भी आपका। तीन हैं नेत्र शिव के,भस्म है तन पे शिव के,वस्त्र है बाघ खाल का तन पे शिव के,सर्प है गले में... Continue Reading →
घर
घर... घर जैसे सूरज की रौशनी जैसे सूरज के बिना हमारी दुनिया नहीं चलती, वैसे घर के बिना हमारी दुनिया नहीं चलती। घर तो जैसे, धूप में छांव है। डूबते को सहारा है। चैन से बैठना, चैन से सोना, चैन से सांस लेना, चैन से जीना। घर से ही तो नसीब में होता है। घर... Continue Reading →
