चलो छोड़ो, जाने भी दो
चलो छोड़ो, जाने भी दो
हमारे मन से, कुछ बातों को।
कब तक याद करते रहेंगे,
चोट पहुंची हुई यादों को?
बुरा वक्त था, चला गया
पतझड़ का मौसम था, चला गया।
चलो छोड़ो, जाने भी दो
हमारे मन से, कुछ बातों को।
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चलो छोड़ो, जाने भी दो
हमारे मन से, कुछ बातों को।
कब तक याद करते रहेंगे,
चोट पहुंची हुई यादों को?
बुरा वक्त था, चला गया
पतझड़ का मौसम था, चला गया।
चलो छोड़ो, जाने भी दो
हमारे मन से, कुछ बातों को।
जैसे फूलों की महकमन को प्रसन्न करती है,वैसे अपने सेवाभावी कार्यो की महक सेदूसरों के मन को प्रसन्नता दे।
बनके तितली उड़ गई मैं, ये जहां से उड़ गई मैं। उड़ते उड़ते चली गई कही दूर मैं, दूसरे जहां में पहुंच गई मैं। वहा एक प्यारा सा घर मिला मुझे, और प्यारे से लोग मिलें। सब के दिलों में ना दिवारें थी, ना दुरियां थी, दिया जलता था तो बस प्यार की ज्योतका। मेघधनुष…
कुछ मुश्किल हालातों की धूप में,साहित्य जैसे छाँव की तरह है। कुछ अनुभवों की मानसिक थकावट में,साहित्य जैसे मन में उर्जा का संचार है। कुछ पहलुओं की उलझनों में,साहित्य जैसे सुलझन की तरह है। कुछ संकुचित मानसिकता के विष में,साहित्य जैसे अमृत की तरह है। साहित्य वाचन का बड़ा ही महत्व है, साहित्य से हमें…
अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे। पहले तो मन परहावी हो जाती थीलोगों की बातें। अब मैंने मन कोमज़बूत कर लिया। जब पता चलाकि लोगों की तोदोहरी मानसिकता है। ज़मीर ही नहीं है लोगों काजैसे हवा का रुख़ बदलता हैवैसे ही लोगों के मत बदलते हैं। इसलिए अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे।
चंचल सा है,पर दृढ़ सा भी है,यही मन है।
तड़पता है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को। ज़ख्म है ताज़ेपर शब्द नहीं हैबयां करने को। गम का सैलाब है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को।
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सच में बहुत याद आता है
#तेरा_चेहरा
बहुत लुभाता है
#तेरा_चेहरा
आज भी तेरी आंखें
पूछती हैं मुझसे कई
सवाल
कुछ अटपटे कुछ
बेमिसाल
वही तेरे होठों की मंद मंद
मुस्कान
तेरी नजरों का नजरिया
जैसे आसमां पे काली
बदरिया
नेह बरसाती है उम्मीदों का
हाथ पे जमजाती हो जैसे
सरसों
बहुत खूब कहा है 😊😊
Kyaa baat hai
😊😊
💐👌
दिल को समझाते हैं तो
आँखें बरसती हैं,
आँसू को बहने से रोकूँ,
तो दिल तड़पता है,
सोचते हैं भूल जाएँ सबकुछ,
मगर मधुमास बिन गुल के लाना मुश्किल,
पतझड़ से प्रेम अब मिटाना मुश्किल।
सुंदर
😊
ख़ूब
धन्यवाद 😊