#नादान परिंदे#शायराना अंदाज
किस्से क्या कहे उन नादान परिंदों के,
अनगिनत किस्से है नादानी के।
हूजूर गर फरमाने को बोलो उनकी समझदारी के किस्से,
तो शायद ही कोई निकल आए।
किस्से क्या कहे उन नादान परिंदों के,
अनगिनत किस्से है नादानी के।
हूजूर गर फरमाने को बोलो उनकी समझदारी के किस्से,
तो शायद ही कोई निकल आए।
मन ही मन,क्यों सोचता रहेता,कर के दिखा।
આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની સાથે ઓળખાણ વધારીએ. કેમ એ આંખોમાંથી ટપકી પડે છે,એ શોધવાનો પ્રયત્ન કરીએ. કોઈ ખાસ ના પ્રેમના વિરહમાં,લાગણીઓ ભીની થઈ જાય છે. કોઈ ખાસ ના પ્રેમને પામવા માટે,આંખો ભીની થઈ જાય છે. લાગણીઓના અરસપરસ પ્રદાનનો પ્રવાહ ખુટે છે,એટલે જ આંખોમાંથી આંસુનો પ્રવાહ વધે છે. આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની…
बसंत ऋतु है तो पतझड़ भी तो है,बेवजह तो नहीं है,यह कुदरत का क्रम है। तेरी अगर बनती है,तो बिगड़ेगी भी।तो फिर क्यों निराश है?यह कुदरत का क्रम है। तुझे गिरने के बाद बस उठना है,उठने के बाद फिर से प्रयत्न करना है,फिर से तेरी प्रगति होगी।यह कुदरत का क्रम है। बसंत ऋतु है तो…
हम ख़तरों के खिलाड़ी नहीं है,हम तो खुद एक ख़तरा है।जो हम से खेलता है,जो हमको निभा पाता है,वो खुद एक खिलाड़ी बन जाता है। 😁😄😅😃
एक नया जहां बसाएं,जिसमें पूर्णता की रौशनी हो,जिसमें पूर्णता की चांदनी हो। प्रेममय बन जाने से,सिर्फ प्रेम को बांटने से,पूर्णता का एहसास होगा। प्रेम को सिर्फ मांगते रहने से,अपूर्णता का एहसास होगा। आनंदमय बन जाने से,आनंदित प्रकृति होने से,पूर्णता का एहसास होगा। व्यथा और उदासी से,अपूर्णता का एहसास होगा। आत्म-निर्भर बन जाने से,खुद का विकास,…
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तो शायद ही कोई निकल आए।
or
तो शायद कोई निकल ही आए।
I like the second one,too.
नाद़ान ही तो हैं ,एक नहीं हजार अफ़साने निकल आयेंगे…..
वाह!
You are most welcome🌹🌹🌹🌹🌹