हाइकु काव्य रचना (1)
चंचल सा है,
पर दृढ़ सा भी है,
यही मन है।
चंचल सा है,
पर दृढ़ सा भी है,
यही मन है।
चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को। कब तक याद करते रहेंगे,चोट पहुंची हुई यादों को? बुरा वक्त था, चला गयापतझड़ का मौसम था, चला गया। चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को।
I want to dedicate this poem to my daughter. She was born on the second day of Navratri on 27th September last month. We feel so blessed for the arrival of a baby girl in our life. Her name is Dhyani. मेरे घर एक प्यारी गुड़िया आयी,संग अपने बहोत सारी खुशियां लायी। मेरी प्यारी गुड़िया…
कोई तुम्हे दुर्वचन बोले, तुम भी उसको दुर्वचन बोलो;तो तुम में और उस मेंक्या फ़रक़ रहेगा? कोई तुम्हे भला-बुरा बोले,तो तुम दुखी हो जाओ;तो तुम क्या बदलाव लाओगे?कुछ भी तो नहीं। तो फ़रक़ कब पड़ेगा?तो बदलाव कब होगा? हमे दुर्वचन बोलनेवाले कोजब हम माफ करेंगे,तब फ़रक़ पड़ेगा,तब बदलाव होगा। अपशब्द बोलनेवाले पर गुस्सा न करे,अपशब्द…
प्यार के मिलन की राह में,तकती है ये आंखें। दो दिलों के मिलन की राह में,तकती है ये आंखें। मिलन हो,तो जैसे मंज़िल पाएं। मिलन हो,तो जैसे नया मंज़र पाएं। जो हम मिल जाएं,तो हम खिल जाएं। जो हम मिल जाएं,तो नया जहां बसाएं। अब बर्दाश्त नहीं दूरी,जब प्यास बढ़ी मिलन की। प्यार के मिलन…
ममता रस प्रेम रस से भरा, मनभावन!
આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની સાથે ઓળખાણ વધારીએ. કેમ એ આંખોમાંથી ટપકી પડે છે,એ શોધવાનો પ્રયત્ન કરીએ. કોઈ ખાસ ના પ્રેમના વિરહમાં,લાગણીઓ ભીની થઈ જાય છે. કોઈ ખાસ ના પ્રેમને પામવા માટે,આંખો ભીની થઈ જાય છે. લાગણીઓના અરસપરસ પ્રદાનનો પ્રવાહ ખુટે છે,એટલે જ આંખોમાંથી આંસુનો પ્રવાહ વધે છે. આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની…
Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.
Wah Harinaji…
Kya baat hai
Thank you😊😊