विचारों की माला- (हास्य रस) (शरारत भरे अंदाज़) खतरों के खिलाड़ी
हम ख़तरों के खिलाड़ी नहीं है,
हम तो खुद एक ख़तरा है।
जो हम से खेलता है,
जो हमको निभा पाता है,
वो खुद एक खिलाड़ी बन जाता है।
😁😄😅😃
हम ख़तरों के खिलाड़ी नहीं है,
हम तो खुद एक ख़तरा है।
जो हम से खेलता है,
जो हमको निभा पाता है,
वो खुद एक खिलाड़ी बन जाता है।
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मैं इस ब्लॉग में “मेरी अंतिम यात्रा” किताब के बारे में साझा करना चाहुंगी। यह किताब आशीष कुमार (ShankySalty) ने लिखी है। https://ashish05shanky.wordpress.com/ हमारी मृत्यु निश्चित है, यह सत्य हम जानते है पर समझते नहीं है। अगर हम यह सत्य की गहराई में जाये तो जीवन सार्थक हो सकता है। जीवन की बहुत सारी व्यथा…
चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को। कब तक याद करते रहेंगे,चोट पहुंची हुई यादों को? बुरा वक्त था, चला गयापतझड़ का मौसम था, चला गया। चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को।
सनातन धर्म में भक्ति के ९ प्रकार दिये हैं, जो नवधा भक्ति कही जाती है। पढीए और सोचिए.. आप कौन से प्रकार की भक्ति करते है? १) श्रवण – भगवान की कथा, ग्रंथ, लीला आदि सुनना। २) कीर्तन – भगवान के स्तोत्र, गुणों, भजन का कीर्तन करना। ३) स्मरण – भगवान को स्मरण करना, उनकी…
जीवन के तराजू में खुशी और गम, दोनो का पलड़ा, कोई एक तरफ ही नही जूकेगा, संतुलन बना ही रहेगा। आप पर खुशीयों की बारिश हो रही हो,तो भी अपने पैर जमी पर ही रखना। आप पर गम की बारिश हो रही हो,तो भी अपने दिल को तूटने मत देना। जीवन का सही मायने में…
रमन्ते योगिन: अस्मिन सा रामं उच्यते।अर्थात्योगी ध्यान में जिस शून्य में रमते है उसे राम कहते है। राम का नाम जपते है,सब कार्य करते है। राम का नाम रटते रहना है,खुद की चेतना में खोये रहना है। स्मरण भक्ति सेखुद को निखारना है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण केद्वार को खोलना है। सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं।
दुर्गा माता का यह स्वरूप सुंदरता का स्वरूप और निर्भयता का स्वरूप है। माता के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है, इसलिए इनको चंद्रघंटा कहा जाता है। चंद्र को सुंदरता प्रतीक कहा जाता है और दुर्गा माता का यह रूप सोना जैसे एकदम चमकीला होता है वैसा ही चमकीला है, इसलिए यह…
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वाह जी वाह!
☺️☺️