विचारों की माला- (हास्य रस) (शरारत भरे अंदाज़) खतरों के खिलाड़ी
हम ख़तरों के खिलाड़ी नहीं है,
हम तो खुद एक ख़तरा है।
जो हम से खेलता है,
जो हमको निभा पाता है,
वो खुद एक खिलाड़ी बन जाता है।
😁😄😅😃
हम ख़तरों के खिलाड़ी नहीं है,
हम तो खुद एक ख़तरा है।
जो हम से खेलता है,
जो हमको निभा पाता है,
वो खुद एक खिलाड़ी बन जाता है।
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कला एक प्रकार का नशा है, जिससे जीवन की कठोरताओं से विश्राम मिलता है।-फ्रायड कला का अंतिम और सर्वोच्च ध्येय सौंदर्य है।-गेटे
पहला स्वरूप – शैलपुत्री दूसरा स्वरूप – ब्रह्मचारीणी तीसरा स्वरूप – चंद्रघंटा (सुंदरता और निर्भयता का स्वरूप) चौथा स्वरूप – कूष्माण्डा पांचवा स्वरूप – स्कन्ध माता (मातृ स्वरूप) छठा स्वरूप – कात्यायनी (अंतरज्ञान चेतना का स्वरूप) सातवां स्वरूप – कालरात्रि आठवां स्वरूप – महागौरी नौवा स्वरूप – सिद्धीदात्री
तड़पता है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को। ज़ख्म है ताज़ेपर शब्द नहीं हैबयां करने को। गम का सैलाब है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को।
एक स्त्री,खुशी का धागा लेकर,अपनी मुस्कान का मोती पिरोती है।मुस्कान का मोती लेकर,अपनी चुलबुलाहट पिरोती है। एक स्त्री,आत्मविश्वास का धागा लेकर,अपनी इच्छाओं के मोती पिरोती है।अपनी इच्छाओं का मोती लेकर,अपनों का प्यार और अपनापन पिरोती है। एक स्त्री,ताकत है उसकी, खुद पर विश्वास।यही ताकत से, वो खुद संभलती है,और परिवार को संभालती है।यही है, स्त्री…
जैसे फूलों की महकमन को प्रसन्न करती है,वैसे अपने सेवाभावी कार्यो की महक सेदूसरों के मन को प्रसन्नता दे।
हे परमेश्वर 🙏 आप से बस यही प्रार्थना है, हमारे भीतर, कुरूपी अज्ञान सेहम मुरझा गये हैं। आप की कृपा से,हमारे भीतर, ज्ञान रूपी,सुंदर पुष्प खिल उठे। आपकी कृपा से,हम सत्कर्म और भक्ति से,ज्ञान की महक फैलाते रहें। यह एक विचार, आंतरिक शक्ति का महत्त्व दर्शाता है, भीतर हैं हमारे प्राण, भीतर है हमारा केंद्र,…
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वाह जी वाह!
☺️☺️