ख़ूबसूरत तराना बन गया #podcast

तुम सुर बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत तराना बन गया। तुम राग बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत साज़ बन गया। तुम गीत हो, मैं तुम्हारे शब्द हूँकुछ एसा ही प्यारा रिश्ता है हमारा। हमारे रिश्ते से जीवन का नया अर्थ मिला,जीवन की धुन को नया संगीत मिला।

🔸️🔹️होली🔸️🔹️

अलग-अलग रंग सुंदरता को दर्शाते है,चलिए! इस होली में रंगों से जीवन को सुंदर बनाए। मन से मानसिक दुर्बलता दूर करे,कपट, घृणा व शत्रुता दूर करे;मन को सबल बनाए। अपनो से हुए गिले-शिकवे से उपर उठकर,मन को सुंदर रंगों से सजाएं;निस्वार्थ और निष्कपट के रंग से सजाएं। आप सब को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।

मेरी माँ

आज मेरी माँ के जन्मदिन के मौके पर मैं यह कविता मेरी माँ को समर्पित करती हूं। क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?सब से निराली है, मेरी माँ। चेहरे पर हंसी, दिल में परोपकार का भावस्वभाव एसा कि हमेशा लोगों को ठंडक दे। मेरी माँ निर्मल मन की मूरत है,मेरी माँ निश्छल मन की... Continue Reading →

पापा की लाडली- बेटी

आज मेरे पापा के जन्मदिन के मौके पर मैं यह कविता मेरे पापा को समर्पित करती हूं। एक रिश्ता है, बड़ा ही प्यारापिता-पुत्री का रिश्ता है न्यारा। मेरे पापा सब से न्यारे है,मेरे पापा सब से प्यारे है। बेटी के लिए पूरी दुनिया होते है उसके पापा,पापा के लिए राजकुमारी होती है उनकी बेटी। बेटी... Continue Reading →

આંસુ સાથે વાત કરીએ / आँसू के साथ बात करें

આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની સાથે ઓળખાણ વધારીએ. કેમ એ આંખોમાંથી ટપકી પડે છે,એ શોધવાનો પ્રયત્ન કરીએ. કોઈ ખાસ ના પ્રેમના વિરહમાં,લાગણીઓ ભીની થઈ જાય છે. કોઈ ખાસ ના પ્રેમને પામવા માટે,આંખો ભીની થઈ જાય છે. લાગણીઓના અરસપરસ પ્રદાનનો પ્રવાહ ખુટે છે,એટલે જ આંખોમાંથી આંસુનો પ્રવાહ વધે છે. આજે આપણા આંસુ સાથે વાત કરીએ,એની... Continue Reading →

જિંદગી એ શું શીખવ્યું? (ज़िंदगी ने क्या सिखाया?)

જિંદગી એ શું શીખવ્યું?મારી જિંદગી શીખવે છે...જિંદગી જીવવી એક કળા છે...કળાત્મક રીતે જિંદગી જીવવી,ભાવનાત્મક ઘાવને સુંદર આકાર આપવો. કાદવરુપી સંજોગોમાં રહીનેટકી જઈને પણ કમળ બનવું.કમળ બનીને દરેકની જિંદગીમાંપ્રેમની સુગંધ ફેલાવવી. લેખન ના માધ્યમથી, નિસ્વાર્થ ભાવનાથીસૌને માનસિક, ભાવનાત્મક અને આધ્યાત્મિકવિકાસ માટે પ્રેરણા આપવી,સૌને પ્રકાશ તરફ જવાની પ્રેરણા આપવી. Hindi Translation: ज़िंदगी ने क्या सिखाया? ज़िंदगी ने... Continue Reading →

#निष्‍काम कर्म #लघुकाव्य-7

नेकी के बदले नेकी चाहोगे,मान - सम्मान चाहोगे,आदर्श बनने का ख़िताब चाहोगे,तब तक मन बैचेन ही रहेगा। पर जिस दिन इस विचारधारा को अपना लोगे,"नेकी करो और दरिया में डालो"तब सही मायने में दिल को सुकूँन मिलेगा,निष्‍काम कर्म से ही दिल को सुकूँन मिलेगा। अन्य लघुकाव्य: કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1 રાખ થઈ જાય... Continue Reading →

कथनी से अधिक करनी बोलती है (કથની કરતા કરણીનું મહત્વ)

हमारी करनी से ही लोगों में होती है,हमारी असली पहचान।हमारी करनी से ही लोगों को होती है,हमारी असली परख। एक दूसरे की परवा करना,एक दूसरे की कदर करना,ये कथनी से नहीं बताया जा सकता है,ये करनी से ही जताया जा सकता है। एक दूसरे को समझना,एक दूसरे को सम्मान देना,ये कथनी से नहीं बताया जा... Continue Reading →

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