दुर्गा माता के नव स्वरूप(पांचवा स्वरूप) (मातृ स्वरूप)

स्कन्ध का मतलब भगवान कार्तिकेय की माता है, इसलिए यह स्वरूप स्कन्ध माता के स्वरुप से कहा जाता है। दुर्गा माता का यह स्वरूप मातृ स्वरूप है, हम सब की माँ है। कला और विज्ञान (Arts and Science) इन्ही से उत्पन्न हुए है। श्री देवी सूक्तम स्त्रोत में माता के इस स्वरुप की झलक: १)... Continue Reading →

दुर्गा माता के नव स्वरूप ( चौथा स्वरूप)

हम "कूष्माण्डा" शब्द की संधि विच्छेद करेंगे,"कू" का अर्थ है "कुछ", "उष्मा" का अर्थ है "ताप" और "अंडा" का अर्थ है "ब्रह्मांड" मतलब थोड़ी ही उष्मा से पूरे ब्रह्मांड को उत्पन्न किया, इसलिए यह स्वरूप कूष्माण्डा के नाम से जाना जाता है। माता ने ब्रह्मांड को अपने मंद हास्य से उत्पन्न किया था इसलिए यह... Continue Reading →

दुर्गा माता के नव स्वरूप (तीसरा स्वरूप) (सुंदरता और निर्भयता का स्वरूप)

दुर्गा माता का यह स्वरूप सुंदरता का स्वरूप और निर्भयता का स्वरूप है। माता के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है, इसलिए इनको चंद्रघंटा कहा जाता है। चंद्र को सुंदरता प्रतीक कहा जाता है और दुर्गा माता का यह रूप सोना जैसे एकदम चमकीला होता है वैसा ही चमकीला है, इसलिए यह... Continue Reading →

दुर्गा माता के नव स्वरूप (दूसरा स्वरूप)

ब्रह्म का अर्थ अनंत, ब्रह्मांड (चेतना) है और चारीणी का अर्थ आचरण में लाना है मतलब जिन्होंने ब्रह्म की प्राप्ति की है। यह स्वरूप पूर्ण ज्योर्तिमय स्वरूप है। श्री देवी सूक्तम स्त्रोत में एक पंक्ति है, जो ब्रह्मचारीणी स्वरूप की झलक दे जाती है। या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। अर्थात् जो देवी... Continue Reading →

दुर्गा माता के नव स्वरूप ( पहला स्वरूप)

शैल का अर्थ पर्वत, हिमालय पर्वत की पुत्री यानी देवी पार्वती, शैलपुत्री कहलाती है। दुर्गा माता के पहले स्वरूप ने पहाड़ से जन्म लिया है। पहले दिन दुर्गा माता के शैलपुत्री स्वरुप की पूजा की जाती है। आज से शुरू हुए नवरात्रि के उत्सव की आप सभी को शुभकामनाएं। नवरात्रि मतलब शक्ति की आराधना का पर्व,... Continue Reading →

गणेश विसर्जन मंत्र और संदेश

यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय पार्थिवीम।इष्टकामप्रसिद्य्दयर्थ पुनरागमनाय च।। मंत्र का अर्थ:- हे भगवान गणेश, आपकी हम एक मूर्ति के (पार्थिव) स्वरुप में पूजा कर रहे हैं, मुझ पर कृपा करके, मेरे प्रसाद को स्वीकार करे और मुझे आशीर्वाद दे कि मेरी इच्छाएं पूरी हो और आप अगले बरस जल्दी फिर से आना। विसर्जन प्रथा में छिपा... Continue Reading →

कुछ अनोखी बाते नौ (9) संख्या के संदर्भ में।

नवदुर्गा माता के ९ स्वरुप हैं।मा के गर्भ में बच्चा ९ महीनें रहता हैं।जीवन के ९ रस हैं।श्रीमद् भगवद् गीता में कृष्ण भगवान ने नवधा भक्ति (भक्ति के ९ प्रकार) का उल्लेख किया हैं।सौरमंडल में स्थित ग्रहों की संख्या ९ हैं।दुर्गा माता को प्रसन्न करने के लिए जो यज्ञ किया जाता है, उसे नव चंडी... Continue Reading →

શબ્દોની કમાલ / शब्दों की कमाल

અણીદાર શબ્દો અને મુલાયમ શબ્દો અમુક શબ્દો અણીદાર હોય છે, તલવારની ધાર જેવા! કોઈને માનસિક રીતે ઘાયલ કરી શકે છે. અમુક શબ્દો મુલાયમ હોય છે, રેશમના કાપડ જેવા! કોઈને માનસિક રીતે ઠંડક આપી શકે છે. છે ને કમાલ આ શબ્દોની! કડવા શબ્દો અને મીઠા શબ્દો અમુક લોકો મીઠા શબ્દો બોલે છે, પણ એમની લાગણી સ્વાર્થી... Continue Reading →

હનુમાન ભગવાનના ૧૨ નામ અને અર્થ (हनुमान भगवान के १२ नाम और अर्थ)

હનુમાનજી:- જેમણે ભારતીય મહાકાવ્ય રામાયણમાં સૌથી મહત્વપૂર્ણ ભૂમિકા ભજવેલી છે. જે શિવ ભગવાનનો અવતાર છે અને શ્રીરામના પરમ સેવક અને ભક્ત છે. જે તાકાત અને બુદ્ધિના સાગર છે. જે અષ્ટ સિદ્ધિ અને નવ નિધિના દાતા છે. જે દરેક યુગમાં હાજરાહજૂર છે, અમર છે. ૧) હનુમાનજી - જેમના જડબા તુટેલા છે હનુમાનજીના જડબા (સંસ્કૃતમાં હનુ) ઈન્દ્રના... Continue Reading →

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