#लघुकाव्य-6

हम मौज़ में,
तो जग भी मज़े में दिखेगा।

हम गम में,
तो जग भी दुःख में दिखेगा।

मन में बुरे विचार है,
तो जग भी बुरा दिखेगा।

जैसा हमारा भाव,
वैसा हमारा जग।

जैसी हमारी दृष्टि,
वैसी हमारी सृष्टि।

કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1

રાખ થઈ જાય સંબંધો / राख हो जाए रिश्तें लघुकाव्य-2

#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3

#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 4

वाणी पर संयम #लघुकाव्य-5

बारिश की बूंदें

શબ્દોની કમાલ / शब्दों की कमाल

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