उलझनों से स्पष्टता की तरफ़!


जीवन जीने के लिए विचारों में स्पष्टता बहुत आवश्यक है, हमें विचारों में स्पष्टता के साथ जीना चाहिए, मन की भ्रमित स्थिति, उलझनों के साथ, शंका के साथ नहीं जीना चाहिए बल्कि उसके समाधान की तरफ ध्यान देना चाहिए।

उलझनें तो स्वाभाविक है, यह जीवन का हिस्सा है लेकिन इसे दूर करने का प्रयास ही न करना और उसके साथ ही उदास अवस्था में जीवन पसार करना, परिस्थितियों को कोसना और अपनी किस्मत पर रोना, ये सब ठीक नहीं है। एसे रवैये से खुद का भी नुकसान होगा और अपने आसपास के लोगों का भी नुकसान होगा।

हमें अपने मन को समाधान की तरफ़ प्रशिक्षित करना चाहिए।

एक उदाहरण देना चाहूंगी,
विचारों में स्पष्टता मतलब उलझनें है तो उसका कारण जानना, उसकी जड़ तक पहुंचना और उलझनों को सुलझाने का प्रयास करना।


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