#कविता #कवि #कलाकार #चित्रकार

कविता वह सुरंग है जिसमें से गुज़र कर मनुष्य एक विश्व को छोड़ कर दूसरे विश्व में प्रवेश करता है ।
कविता गाकर रिझाने के लिए नहीं समझ कर खो जाने के लिए है ।

-रामधारी सिंह दिनकर

कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी ।
–रवीन्द्रनाथ ठाकुर

कवि और चित्रकार में भेद है । कवि अपने स्वर में और चित्रकार अपनी रेखा में जीवन के तत्व और सौंदर्य का रंग भरता है।
– डा रामकुमार वर्मा

Reference: wikiquote.org

9 comments

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s