संस्कृत मंत्र (ध्यान के लिए)/ Sanskrit Mantra (For Meditation)

पूर्णमद: पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदचयते
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।

अर्थात

वह पूर्ण है, यह पूर्ण है, परिपूर्णता से ही पूर्णता आती है।
पूर्णता से ही पूर्णता प्राप्त करो, पूर्णता प्राप्त करनी है, यही स्मरण में रखना है।

विस्तार से वर्णन:

वह परमेश्वर पूर्ण है और हम वह परमेश्वर के अंश है तो हम भी पूर्ण ही है क्योंकि पूर्णता से ही पूर्णता आती है।
हमे पूर्णता का ही एहसास हमेशा करना है, यही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।

हमे अक्सर प्रेम की कमी महसूस होती है, किसी न किसी संबंध में, अधुरा महसूस होता है या तो खुद के गुण में कमी महसूस होती है, मनोबल कम होता है और अधुरापन लगता है, किंतु हमे यह अधूरेपन को मिटाकर पूर्णता ही महसूस करनी है।

अधूरेपन से खुशी नही मिल सकती, पूर्णता से ही खुशी मिल सकती है।

ध्यान के माध्यम से खुद को मजबूत बनाना है, पूर्ण महसूस करना है।

Translation in English

Mantra:

pūrṇamadaḥ pūrnamidam pūrṇāt pūrṇamudacyate
pūrṇasya pūrṇamādāya pūrṇamevāvaśiṣyate.

Meaning of Mantra:

That is full, this is full, fullness comes from fullness. Take fullness from fullness, the reminder is full.

We are full of love and complete.

Description in detail:

God is complete and we are part of the god then we are complete, too. As fullness comes from fullness, we always feel fullness or completeness in us, it is our aim to always remind it.

We often feel incompleteness in some of our relationships, either we feel lack of self-esteem or cannot give justice to our self-worth, but we should effort to erase incompleteness by meditation.

By feeling completeness, you can get happiness and vice-versa.

Feel that you are full of love, perfect and complete while doing meditation.

10 comments

  1. […] This poem is inspired by Sanskrit language mantra, I have published the blog which explains in detail about this mantra, you can go through it, it is in Hindi and English language. The link is below:संस्कृत मंत्र (ध्यान के लिए)/ SANSKRIT MANTRA (FOR MEDIT… […]

Leave a Reply