#quotes #भक्ति #भक्ति का उद्देश्य

भक्ति का उद्देश्य कामना पूर्ति नहीं है पर कामनाओं का नाश है। कामना पूरी हो तो हम यह करेंगे यह तो व्यापार हो गया, जैसे कि कोई service का charge दे रहे है। भक्ति का मूल उद्देश्य जीवन में शिवत्व की प्राप्ति है, जीव का शिव से मिलन है, आध्यात्मिक प्रगति तभी होती है, जब... Continue Reading →

सर्वोत्तम ध्यान

ध्यान लगाना ही है,तो परमात्मा पर लगाए। किस रिश्ते से क्या नहीं मिला,उस पर ध्यान न लगाए। परमात्मा ने हमे बहुत कुछ दिया,उस पर ध्यान लगाए। जो भी मिला है, उसके लिए कृतज्ञ रहे,खूबसूरत लम्हों पर ध्यान लगाए। जो नहीं मिला है, उस पर ध्यान लगाकर,क्यों लम्हों को बदसूरत करना? ध्यान लगाना ही है,तो परमात्मा... Continue Reading →

तूने जीने का सलीका सिखा दिया

प्रेम के जज़्बात को समझने कासलीका सिखा दिया तूने। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। शब्दों की उलझन में न रहकरनज़रअंदाज करना सिखा दिया तूने। रिश्तों को ख़ूबसूरती से जीने कासलीका सिखा दिया तूने। जब स्नेह अतूट होता है,तब शब्द मायने नहीं रखते है। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। ए... Continue Reading →

#quote #poetry

Poetry gives the inspiration to live life artistically.Harina Other posts: मेरी लेखनी, मेरी धुन / My Writing, My Passion QUOTE #ART #ARTIST quote #Love #Law of Love

खुलकर जीने का मतलब

हम जीवन तो जीते है,पर क्या खुलकर जीते है? खुलकर जीना मतलबजीवन को निभा लेना।कोसे बिन जी लेना। कोसते कोसते और रोते रोते जीना नहीं है।पर हंसते-हंसते और जीगर से जीना है। खुलकर जीना मतलबमुश्किलों का सामना करना है,मुश्किलों से डरना नहीं है। खुलकर जीना मतलबहर हालात को स्वीकार करना है,हर हालात से अनुभव पाना... Continue Reading →

झूठे-मूठे शब्द (मेरे विचारों की माला)

लोग चाहे कितने भीझूठे-मूठे शब्दों सेअपनापन जताते हो,पर आंखें कभी झूठ नहीं बोलती है,आंखों में नीयत नज़र आ ही जाती है।

परिवार की रौनक़

आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी हक़ीक़त!... Continue Reading →

#लघुकाव्य-6

हम मौज़ में,तो जग भी मज़े में दिखेगा। हम गम में,तो जग भी दुःख में दिखेगा। मन में बुरे विचार है,तो जग भी बुरा दिखेगा। जैसा हमारा भाव,वैसा हमारा जग। जैसी हमारी दृष्टि,वैसी हमारी सृष्टि। કવિતા નું સૌંદર્ય/ कविता का सौंदर्य लघुकाव्य-1 રાખ થઈ જાય સંબંધો / राख हो जाए रिश्तें लघुकाव्य-2 #લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3... Continue Reading →

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