झूठे-मूठे शब्द (मेरे विचारों की माला)

लोग चाहे कितने भी
झूठे-मूठे शब्दों से
अपनापन जताते हो,
पर आंखें कभी झूठ नहीं बोलती है,
आंखों में नीयत नज़र आ ही जाती है।

लोग चाहे कितने भी
झूठे-मूठे शब्दों से
अपनापन जताते हो,
पर आंखें कभी झूठ नहीं बोलती है,
आंखों में नीयत नज़र आ ही जाती है।
चेहरे के पीछे चेहरा,एक ही व्यक्ति के दो चेहरे। जो उसकी तारीफें करता फिरे,उसके साथ अच्छा वाला चेहरा। वाहवाही लुटने का मज़ा,जो आता है उसे। जो उसकी तारीफें ना करे,उसके साथ अलग चेहरा। जो उसकी जी-हज़ूरी करता फिरे,उसके साथ अच्छा वाला चेहरा। अहंकार से भरा हुआ,है जो उसका मन। जो उसकी जी-हज़ूरी ना करे,उसके साथ…
एक परिंदा हूँ,जीवन गगन में, आज़ाद हूँ। पहले पिंजरे में केद थी,अपनी खुशियों के लिए,दूसरों पर आश्रित थी। पहले पिंजरे में केद थी,अपने जीवन के विकास के लिए,दूसरों पर आश्रित थी। अब खुद पर एतबार है,खुद के दम पर, मेहनत करके,जीवन को उमंग से जीना है। एक परिंदा हूँ,जीवन गगन में, आज़ाद हूँ।
चलो आज….किसी और से नहींं,खुद से बातें करे।खुद के कार्य पे नज़र डाले,खुद के विचारों पे नज़र डाले,खुद से हुई भूलों को पहचाने,खुद से ही भूलों को सुधारे। चलो आज…. किसी और का नहीं, खुद का मूल्यांकन करे। खुद को जानने से ही, जीवन में होगा सुर, वरना होगा बेसुरा। चलो आज….एक आदत बनाए।थोड़े थोड़े…
जब हम चारों और से मुश्किलों से घिरे हुए होते हैं तब आशा, सूरज की एक किरण की तरह कार्य करती है, हमें रौशनी तक ले ही जाती है। दिये की लौ, तब ही ज्यादा फड़फड़ाती है,जब दिया बुझने वाला होता है और जैसे सवेरा होने से पहले घनघोर अंधेरा रात का होता है, वैसे…
तुम सपना देखो और पूरा करो,तुम्हे सपने से मकसद मिलेगा,मकसद पर चलकरजीवन का नया अर्थ मिलेगा।हो गया ना, सपने से अर्थ पाने का सफर! मेरी पहली किताब
हम “कूष्माण्डा” शब्द की संधि विच्छेद करेंगे,“कू” का अर्थ है “कुछ”, “उष्मा” का अर्थ है “ताप” और “अंडा” का अर्थ है “ब्रह्मांड” मतलब थोड़ी ही उष्मा से पूरे ब्रह्मांड को उत्पन्न किया, इसलिए यह स्वरूप कूष्माण्डा के नाम से जाना जाता है। माता ने ब्रह्मांड को अपने मंद हास्य से उत्पन्न किया था इसलिए यह…
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Nice
Thank you☺
Welcome
Dil ki baat💕🤟
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