#कला
कला एक प्रकार का नशा है, जिससे जीवन की कठोरताओं से विश्राम मिलता है।
-फ्रायड
कला का अंतिम और सर्वोच्च ध्येय सौंदर्य है।
-गेटे
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कला एक प्रकार का नशा है, जिससे जीवन की कठोरताओं से विश्राम मिलता है।
-फ्रायड
कला का अंतिम और सर्वोच्च ध्येय सौंदर्य है।
-गेटे
कविता वह सुरंग है जिसमें से गुज़र कर मनुष्य एक विश्व को छोड़ कर दूसरे विश्व में प्रवेश करता है ।कविता गाकर रिझाने के लिए नहीं समझ कर खो जाने के लिए है । -रामधारी सिंह दिनकर कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी ।–रवीन्द्रनाथ ठाकुर कवि और…
मानसिक कुंठा का एक कारण ये भी है – अभिव्यक्ति की कमी। इसलिए, मैंने इस विषय पर एक कविता लिखने की कोशिश की है। अगर हमारी भावनाओं को पूर्ण अभिव्यक्ति नहीं मिलती है, तो यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। कुंठा, मानसिक तनाव और बीमारी से बचने के लिए अवश्य अपनी भावनाओं…
जो आरजू थी मेरी,उसको पा लिया। पाने के बाद की,पहली सुबह आई। तो कुछ एसाहाल हुआ हमारा। नयी किरण लेकर,नयी सुबह आई। कैसा है खिला नया जहां,जिसमें है नूर नया। जुमु मै, नाचु मै, गाउ मै,खिलखिलाती जाउ मै। नया दौर है ये,जिसमे है नयी सुबह।
મારા બધા વાચક મિત્રોને આંતરરાષ્ટ્રીય માતૃભાષા દિવસની શુભકામનાઓ. पंक्तियां हिंदी में: मातृभाषा से हम हमारे जडों से जुड़ते है,मातृभाषा से हम हमारे अस्तित्व से जुड़ते है। मातृभाषा का सम्मान करें,मातृभाषा का गौरव करें। मातृभाषा से प्रेम करें,मातृभाषा दिवस मनाएं। मेरे सभी पाठकों को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएं।
उपनिषद में रस के बारे में कहा गया है, रसो वै स:।अर्थात्वह परमात्म तत्व रस स्वरूप है। कृष्ण यानी प्रेम, आनंद और शृंगार रस से ओतप्रोत।कृष्ण यानी अनंत आनंद स्वरूप।कृष्ण रस से अद्भुत रस कोई भी नहीं है। कृष्ण के नाम और अर्थ: कृष्ण – सबको अपनी और आकर्षित करने वाला।मोहन – सम्मोहित करने वाला।मनोहर…
1) लोगों और दुनिया की खुशी के लिए [FOR HAPPINESS OF PEOPLE AND THE WORLD] स्वस्तिप्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥ Translation in English: svastiprajābhyaḥ paripālayantāṃ nyāyena mārgeṇa mahīṃ mahīśāḥ।gobrāhmaṇebhyaḥ śubhamastu nityaṃ lokāḥ samastāḥ sukhino bhavantu॥ May the well-being of all people be protected By the powerful and mighty leaders…
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Vry true
🙂