कुछ बातें, यूँ ही..! (6) #आशिक़ाना अंदाज़

(1)
जब तेरी गली से,
गुज़रने का मौका मिला,
तब खुशी तो मिली।

पर तेरी एक झलक भी ,
नसीब में न थी,
यह देखकर,
ग़म दस्तक दे गया।

हमने एक साथ
खुशी और ग़म
दोनों का अनुभव कर लिया।

(2)
जैसे कोई फूलों से खुशबू मिटा नहीं सकता,

वैसे मेरे दिल से तुम्हारा नाम कोई मिटा नहीं सकता।

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