इश्क में डूबे हम

है इश्क में डूबे से हम,
बने है जब से हमसफ़र हम।

मैं छलकती हूँ,
शब्दों से।
वो छलकता है,
खामोशियों से।

मुझे अच्छा लगता है,
उसकी ख़ामोशी की गहराई में डूबना।
उसे अच्छा लगता है,
मेरे शब्दों की चंचलता में डूबना।

है इश्क में डूबे से हम,
बने है जब से हमसफ़र हम।

22 comments

      1. हा, वैसे तो हम कह सकते है, प्रेम की कल्पना। पर जज़्बात वास्तव में एसे हो सकते है, बस शब्दों को रूपक की तरह लिया गया है। जब वास्तव में रिश्ता गहरा होता है, ताल-मेल गहरा होता है, तो बिलकुल वैसे ही भावनाएं महसूस होती है, जैसी इन रुपक जैसे शब्दों में पिरोयी गयी है।😊😊

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      2. बहना मैंने अपने लिए यह शब्द प्रयोग में लिया। मेरे लिए यह कल्पना मात्र है। सारे प्रेम की अनुभूति हो चुकी है बस एक ही प्रेम का अनुभव बाकी है जो बेहद प्रचलित रहता है। 😁

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      3. ओह😁 मुझे लगा, पूछ रहे हो और मुझे पता था कि अभी तक तुम्हे अनुभव नहीं हुआ है, तो मैंने एक दी की तरह विस्तार से वर्णन किया ताकि तुमको ज्यादा जानकारी दे सकु😃😃

        पर कोई बात नहीं। एक समय आएगा, फिर तुम भी यह अनुभव करोगे। मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ है।😊😊

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      4. ऐसी शुभकामनाएं नहीं चाहिए बहना😁 मैं एकांतवास में प्रसन्नता ढूढ़ता हूं। 🙏

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      5. बहना आपके लिए तो शब्द कम पड़ गए🙏 सॉरी को स्वीकृति नहीं मिलेगी। 🙏 आपका बहोत आभार

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