सकारात्मक सोच की शक्ति

जब कुछ भी हमारे हाथ में न हो,
सब कुछ गवा चुके हो।

तब डर ने से कुछ नहीं बदलेगा।
तब सकारात्मक सोच ही रखना।

क्योंकि डर नकारात्मक ऊर्जा को खींचता है,
निराशा में डूबना भी नकारात्मक ऊर्जा को खींचता है,
और सकारात्मक सोच सकारात्मक उर्जा को खींचती है।

तो जब हालात बेकाबू हो जाए, तब भी सोच सकारात्मक ही रखना क्योंकि हालात बदलने की क्षमता डर में नहीं है, सकारात्मक सोच में है।

4 comments

  1. Bahut sundar! Trust you also follow this. Blessings !
    Yaad aa raha hai apane bachpan kaa gana, kareeb 62/63 baras purana jaroor hoga, V shantaram ki Do ankhen Barah Haath se :
    आओ आओ होनहार और प्यार बच्चे
    प्यारे बच्चे, उम्र के कच्चे, बात के सच्चे
    जीवन की एक बात बताऊँ
    मुसीबतों से डरो नहीं
    बुज़दिल बन के मरो नहीं
    रोते-रोते क्या है जीना
    नाचो दुःख में तान के सीना

    तक तक धुम धुम , तक तक धुम धुम

    रात अंधियारी हो, घिरी घटायें कारी हो
    रास्ता सुनसान हो, आँधी और तूफान हो
    मंजिल तेरी दूर हो, पाँव तेरे मजबूर हो
    तो क्या करोगे, रुक जाओगे?
    ना, तो क्या करोगे?रुक जाओगे ? ना! 
    तक तक धुम धुम …

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