नयी सुबह
जो आरजू थी मेरी,
उसको पा लिया।
पाने के बाद की,
पहली सुबह आई।
तो कुछ एसा
हाल हुआ हमारा।
नयी किरण लेकर,
नयी सुबह आई।
कैसा है खिला नया जहां,
जिसमें है नूर नया।
जुमु मै, नाचु मै, गाउ मै,
खिलखिलाती जाउ मै।
नया दौर है ये,
जिसमे है नयी सुबह।
जो आरजू थी मेरी,
उसको पा लिया।
पाने के बाद की,
पहली सुबह आई।
तो कुछ एसा
हाल हुआ हमारा।
नयी किरण लेकर,
नयी सुबह आई।
कैसा है खिला नया जहां,
जिसमें है नूर नया।
जुमु मै, नाचु मै, गाउ मै,
खिलखिलाती जाउ मै।
नया दौर है ये,
जिसमे है नयी सुबह।
”YE AINAA HE” song from Kabir Singh movie inspired me to write a beautiful poem and sing a song. Hope you like it! My expression in the form of poetry. तुम मेरा आयना हो। तुम से ही मैंनेखुद को देखा। तुम से ही मैंनेमेरी खूबसूरती देखी। तुम से ही मैंनेमेरी हर अदा देखी। तुम से…
तड़पता है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को। ज़ख्म है ताज़ेपर शब्द नहीं हैबयां करने को। गम का सैलाब है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को।
परमात्मा से प्रीति होना, उनमें ही खो जाना और जीवन जीना – यही सार है, इस ख़ूबसूरत कविता का।यह कविता प्रेम रस और भक्ति रस से ओतप्रोत है। मैंने जब यह रचना पढ़ी, मुझे बेहद ख़ूबसूरत लगी, जो मैं आप सबके साथ साझा करना चाहती हूँ। कविता: वेणी में तारक-फूल गूंथ,निशि ने मेरा शृंगार किया;राका-शशि…
एक स्त्री,खुशी का धागा लेकर,अपनी मुस्कान का मोती पिरोती है।मुस्कान का मोती लेकर,अपनी चुलबुलाहट पिरोती है। एक स्त्री,आत्मविश्वास का धागा लेकर,अपनी इच्छाओं के मोती पिरोती है।अपनी इच्छाओं का मोती लेकर,अपनों का प्यार और अपनापन पिरोती है। एक स्त्री,ताकत है उसकी, खुद पर विश्वास।यही ताकत से, वो खुद संभलती है,और परिवार को संभालती है।यही है, स्त्री…
कुछ मुश्किल हालातों की धूप में,साहित्य जैसे छाँव की तरह है। कुछ अनुभवों की मानसिक थकावट में,साहित्य जैसे मन में उर्जा का संचार है। कुछ पहलुओं की उलझनों में,साहित्य जैसे सुलझन की तरह है। कुछ संकुचित मानसिकता के विष में,साहित्य जैसे अमृत की तरह है। साहित्य वाचन का बड़ा ही महत्व है, साहित्य से हमें…
आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी…
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वो जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को है मालूम,
के सुबह आने में कितने ज़माने लगते हैं।।
वाह! बिलकुल सच कहा।
शुभप्रभात बहना
शुभप्रभात 🙏
बेहद उम्दा💐😊
😊😊🙏
bahut hi umda……apki rachnayen padh raha hun aur meri kavitawon ke mukhde bante jaa rahen hain…….kyaa kahne.
चाँद वही धरती,सूरज भी,
खुशियां क्या समझाऊं कैसे,
तुम आये संग बदल गया सब,
क्या बदला बतलाऊँ कैसे|
ये तो बहुत खुशी की बात है मेरे लिए
कि आप को प्रेरणा मिले कविता बनाने की😊😊