शब्द अलग, पर अर्थ समान
अल्लाह की इबादत होती है,
भगवान की प्रार्थना होती है।
शब्द अलग-अलग हैं,
पर अर्थ समान है।
तो शब्दों की भिन्नता,
शब्दों तक ही सीमित ना रहकर,
क्यों भावनाओं तक पहुंच गई है?
अल्लाह की इबादत होती है,
भगवान की प्रार्थना होती है।
शब्द अलग-अलग हैं,
पर अर्थ समान है।
तो शब्दों की भिन्नता,
शब्दों तक ही सीमित ना रहकर,
क्यों भावनाओं तक पहुंच गई है?
जितना परवाह करना जरूरी है,उतना ही परवाह जताना भी जरूरी है। यह एक तरीका रिश्तों को और गहरा बनाएगा। यह एक तरीका रिश्तों को और खूबसूरत बनाएगा। English translation: Relationship Mantra: As much as caring is important in relationship, it is equivalent important to show the care to our near and dear ones. This is…
अलग-अलग रंग सुंदरता को दर्शाते है,चलिए! इस होली में रंगों से जीवन को सुंदर बनाए। मन से मानसिक दुर्बलता दूर करे,कपट, घृणा व शत्रुता दूर करे;मन को सबल बनाए। अपनो से हुए गिले-शिकवे से उपर उठकर,मन को सुंदर रंगों से सजाएं;निस्वार्थ और निष्कपट के रंग से सजाएं। आप सब को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।
मेरे दिल के पन्ने खूबसूरत यादों से भरे हैं।
स्वयंज्योति: स्वयंप्रज्ञा भवतु। हिंदी में अर्थ: स्वयं ही अपना प्रकाश बनो और स्वयं ही अपनी विवेक बुद्धि का प्रयोग कीजिए। Translation in English: Be your light by yourself and implement your wisdom by yourself in life.
हे देवी-देवता 🙏 हमें आशीर्वाद दें, हम एसे चरित्र निर्माण करेंकि जिस राह को चुने,उस पर नीति से चले,श्रद्धा और परिश्रम से कदम बढ़ाते रहें। हम एसी सोच का निर्माण करेकि मन का विश्वास आंतरिक है, बाह्य नहीं,दूसरों पर आधारित न रहें,आत्मविश्वास और आत्मबल से कदम बढ़ाते रहें। आप से बस यही प्रार्थना है। प्रभात…
सत्य और धर्म के पथ पर हो रहा , सकारात्मक परिवर्तन का तेज़, धर्म के पथ पर चलने वालों के लिए प्रकाश लेकर आता है, और अधर्म के पथ पर चलने वालों के लिए अंधकार लेकर आता है।
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बहुत ही सही लिखा है आपने | एक कड़वा सच है यह |
शब्दों की भिन्नता यूँही नहीं पहुँची भावनाओं तक, पहुंचाई गयी है राजनीति और धर्म के ठेकेदारों द्वारा | हम आम लोग बिना सोचे समझें उनका अनुसरण करे रहते हैं |
समय मिले तो इस लिंक पर जाएँ, ऐसा ही कुछ लिखने का मेरा प्रयास था |
https://rkkblog1951.wordpress.com/2018/09/12/geeta-n-quran/
Hello, I checked the link, but I cannot open it..even I tried to search this blog on your home page..but sorry couldn’t find it..
Can you please send me again the link? I would love to read it..
बिलकुल सच कहा, माहौल अब बहुत ही बिगड़ गया है।
रहने दिजीए,मैने ढूंढ लिया।😊
बहोतख़ूब बहना 👌
😊🌻
👍🏼