बयां नहीं कर सकते
तड़पता है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
ज़ख्म है ताज़े
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
गम का सैलाब है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
तड़पता है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
ज़ख्म है ताज़े
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
गम का सैलाब है दिल
पर शब्द नहीं है
बयां करने को।
जो खोया है तुने, कुछ तुझ में,वो ढूंढने के लिए तुझे,है अभिलाषा एकांत की। तेरी खोई हुई धुन पा ले,मैं दूंगी तुझे एकांत। मैं नहीं हूं स्वार्थी,कि मेरी धुन में तुझे बांध लू। मैं सारेगम अपना बनाउंगी,तू पधनीसा अपना बना ले। हम दोनों फिर,अपनी अपनी धुन गुनगुनाएंगे। हम दोनों फिर,अपनी जीवन धुन बनाएंगे। मुझे इंतज़ार…
चलो आज….किसी और से नहींं,खुद से बातें करे।खुद के कार्य पे नज़र डाले,खुद के विचारों पे नज़र डाले,खुद से हुई भूलों को पहचाने,खुद से ही भूलों को सुधारे। चलो आज…. किसी और का नहीं, खुद का मूल्यांकन करे। खुद को जानने से ही, जीवन में होगा सुर, वरना होगा बेसुरा। चलो आज….एक आदत बनाए।थोड़े थोड़े…
અંતરના સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ,માનસિક સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ. કયા સુધી અધૂરપ અનુભવીશું? કયા સુધી કડવી યાદો ને સાચવીશું? મનમાં ભરાયેલો રોષ કાઢવો પડશે ને,કોના માટે કાઢવો પડશે? આપણા જ મન ની શાંતિ માટે,આપણા જ મન ની ખુશી માટે. સ્વીકાર માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ,પૂર્ણતા માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ. અપશબ્દો બોલનાર પર દયા દાખવી…
उपनिषद में रस के बारे में कहा गया है, रसो वै स:।अर्थात्वह परमात्म तत्व रस स्वरूप है। कृष्ण यानी प्रेम, आनंद और शृंगार रस से ओतप्रोत।कृष्ण यानी अनंत आनंद स्वरूप।कृष्ण रस से अद्भुत रस कोई भी नहीं है। कृष्ण के नाम और अर्थ: कृष्ण – सबको अपनी और आकर्षित करने वाला।मोहन – सम्मोहित करने वाला।मनोहर…
स्वयंज्योति: स्वयंप्रज्ञा भवतु। हिंदी में अर्थ: स्वयं ही अपना प्रकाश बनो और स्वयं ही अपनी विवेक बुद्धि का प्रयोग कीजिए। Translation in English: Be your light by yourself and implement your wisdom by yourself in life.
आत्म-नियंत्रण का एक दीया,अपने अंतर में, जलाकर रखिए,ताकि कभी भी दुनिया के प्रलोभन,हमारे अंतर्मन में, अंधेरा न कर पाए। धैर्य का एक दीया,अपने अंतर में, जलाकर रखिए,ताकि सपनों को पाने की इच्छाएं,ज़ल्दबाज़ी में परिवर्तित न हो जाए। मन पर नियंत्रण का एक दीया,अपने अंतर में, जलाकर रखिए,ताकि दूसरों की बातों से,हमारा मन भटक न जाए।…
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So sad i feel reading
Dark verses…
Dukh, tadap, aur na bayaa kar paney ki takleef…🤐
Recharge the spirit, fill new energy n smike.
Hmmm
This time.. tried to highlight sad version of poem☺️
It seems sun is in dark clouds.
Move out of darkness.
U r the energy of rhytm.
U r the rhyme of innocence.
Feed your self with happiness.
आपने शब्दों को भाव में बड़े अच्छे से पिरोया है।☺️👍👍
Amazing lines ❤️👌👌
Thank you so much dear😊🤗
सही है बहना
Thank you brother ☺️
🙏🙏
Nice,😊
Thank you 😊