#प्रेम #स्वतंत्रता
“स्वतंत्रता मनुष्य की परम इच्छा है, स्वतंत्रता में ही मनुष्य खिल सकता है, ध्यान करने से स्वतंत्रता पाएंगे।
स्वतंत्रता को तुम्हारा केन्द्र और प्रेम को तुम्हारी परिधि बन जाने दो और तुम एक संपूर्ण अस्तित्व हो जाओगे।”
ओशो
“स्वतंत्रता मनुष्य की परम इच्छा है, स्वतंत्रता में ही मनुष्य खिल सकता है, ध्यान करने से स्वतंत्रता पाएंगे।
स्वतंत्रता को तुम्हारा केन्द्र और प्रेम को तुम्हारी परिधि बन जाने दो और तुम एक संपूर्ण अस्तित्व हो जाओगे।”
ओशो
तुम सपना देखो और पूरा करो,तुम्हे सपने से मकसद मिलेगा,मकसद पर चलकरजीवन का नया अर्थ मिलेगा।हो गया ना, सपने से अर्थ पाने का सफर! मेरी पहली किताब
प्रार्थना पर अन्य ब्लॉग: प्रभात प्रार्थना (1) प्रभात प्रार्थना (2) इश्वर याचना
चलो!एक ज़िम्मेदारी,खुद के लिए उठाए। दूसरों की खुशी का,तो ख़्याल रखते हैं। चलो!अब से खुद कीखुशी का भी ख़्याल रखें। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए,व्यायाम करें। मानसिक स्वास्थ्य के लिए,ध्यान करें। भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए,सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। सच्ची दौलत और सच्चा सुख,इसी में छिपा है। पहली ज़िम्मेदारी स्वास्थ्य है,यह कभी न भूलें।
1) बदलते हुए सिर्फ़ मौसम ही अच्छे लगते है,इंसान नहीं। 2) हवा का रुख़ कभी भी बदल जाता है,पर रिश्तों का रुख़ बदल जाए, वो अच्छा नहीं लगता। 3) कुछ चीजें बांटने से बढ़ती है और कुछ बांटने से कम होती है, जैसे कि,ज़ख्म बांटने से कम होता है,खुशी बांटने से बढ़ती है।और ज्ञान भी…
चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को। कब तक याद करते रहेंगे,चोट पहुंची हुई यादों को? बुरा वक्त था, चला गयापतझड़ का मौसम था, चला गया। चलो छोड़ो, जाने भी दोहमारे मन से, कुछ बातों को।
१)बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जैसे पेड़ खजूर।पंथी को छाया नहीं,फल लागे अति दूर।। अर्थ: खजूर का पेड़, राही को छाया नहीं दे पाता है और उसके फल भी आसानी से नहीं मिल सकते। इसी तरह, हमारे भी कितने ही उच्च विचार हो, सफलता प्राप्त करने पर बहुत बड़े बन जाए, पर अगर हमारी क्रिया दूसरों…
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wonderful quote shared
Thank you for liking it..it is really so wonderful quote!
बहुत सुंदर वचन…👌
😊🙏🙏
Hi Harina…how r you! I loved your awesome thoughts….
Hiiiiii uncle..I am fine..thanks for your appreciation!
Beautiful sharing
😊😊