संस्कृत श्लोक अर्थ सहित- (1) / Sanskrit quotes with meaning

1) लोगों और दुनिया की खुशी के लिए [FOR HAPPINESS OF PEOPLE AND THE WORLD] स्वस्तिप्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः।गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥ Translation in English: svastiprajābhyaḥ paripālayantāṃ nyāyena mārgeṇa mahīṃ mahīśāḥ।gobrāhmaṇebhyaḥ śubhamastu nityaṃ lokāḥ samastāḥ sukhino bhavantu॥ May the well-being of all people be protected By the powerful and mighty leaders... Continue Reading →

अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य मंत्र (Surya Mantra for Good Health)

मंत्र: नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे। आयु ररोग्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते।। अर्थात् 'हे! ब्रह्माण्ड के अधिपति भगवान सूर्य, आप सभी रोगों के निवारण और शांति के भंडार हैं। मैं आपको नमन करती हूं और प्रार्थना करती हूं कि मुझे लंबे जीवन, स्वास्थ्य और धन प्राप्ति का आशीर्वाद दें। ' लाभ: १) मंत्र जप अपनी... Continue Reading →

संस्कृत गीत (जीवन का गीत)

संस्कृत गीत का हिंदी में भाषांतर भी दिया हुआ है। गीत के रचनाकार स्व. पद्मश्री डॉ. श्रीधर भास्कर वर्णेकर जी है। गीत: मनसा सततं स्मरणीयम्वचसा सततं वदनीयम्लोकहितं मम करणीयम् ॥ लोकहितं॥ न भोगभवने रमणीयम्न च सुखशयने शयनीयनम्अहर्निशं जागरणीयम्लोकहितं मम करणीयम् ॥ मनसा॥ न जातु दु:खं गणनीयम्न च निजसौख्यं मननीयम्कार्यक्षेत्रे त्वरणीयम्लोकहितं मम करणीयम् ॥ मनसा॥ दु:खसागरे... Continue Reading →

आत्मज्ञान का एक विचार/ The idea of ​​Enlightenment

स्वयंज्योति: स्वयंप्रज्ञा भवतु। हिंदी में अर्थ: स्वयं ही अपना प्रकाश बनो और स्वयं ही अपनी विवेक बुद्धि का प्रयोग कीजिए। Translation in English: Be your light by yourself and implement your wisdom by yourself in life.

शिव षडक्षर स्तोत्र अर्थ सहित (६ अक्षर: ॐ नमः शिवाय)

शिव भगवान का पंचाक्षर मंत्र है:नमः शिवाय।और षडक्षर मंत्र है:ॐ नमः शिवाय। मंत्र के साथ, स्तोत्र भी है। आप पंचाक्षर स्त्रोत भी पढ़ सकते है, लिंक:शिव पंचाक्षर स्तोत्र आज मैं षडक्षर स्तोत्र की जानकारी प्रदान करूंगी। स्तोत्र: ॐ कारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिन:।कामदं मोक्षदं चैव ॐ काराय नमो नमः।।१।। नमंति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा:।नरा नमंति... Continue Reading →

देवी मंत्र (ध्यान के लिए) / Goddess Mantra (For Meditation)

ॐ आनंदमयी चैतन्यमयी सत्यमयी परमे।अर्थात:हे मा, तुम आनंद का स्रोत हो, तुम चेतना का स्रोत हो,और तुम सत्य का स्रोत हो, तुम ही सर्वोच्च हो। English translation: Om Anandamayi,  Chaitanyamayi, Satyamayi ParameMeaning:Om, she is full of Bliss, she is full of Consciousness, she is full of Truth, she who is supreme. Sachchidananda, this Sanskrit word... Continue Reading →

संस्कृत सुभाषित अर्थ सहित (1)

सुखार्थिन: कुतोविधा नास्ति विधार्थीन: सुखम। सुखार्थी वा त्यजेद विधां विधार्थी वा त्यजेद सुखम्:।। अर्थात सुख पाने वाले को विधा नही मिल सकती है वैसे ही विधा पाने वाले को सुख नही मिल सकता इसलिए सुख चाहने वाले को विधा का और विधा चाहने वाले को सुख का त्याग कर देना चाहिए।

शिव पंचाक्षर स्तोत्र (५ अक्षर: नमः शिवाय)

स्तोत्र को पढ़ने से पहले, हमे इस स्तोत्र की पूर्व भूमिका को समझना पड़ेगा, तो ही हम अच्छी तरह से शिव स्तोत्र समझ पाएंगे। शिव पंचाक्षर स्तोत्र, शिव पंचाक्षर मंत्र से आधारित है। शिव पंचाक्षर मंत्र- नम: शिवाय। हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है, पृथ्वी, जल,अग्नि, वायु और आकाश। शिव मंत्र के पांच अक्षर,... Continue Reading →

दीपावली की शुभकामनाएं #संस्कृत प्रार्थना

प्रार्थना:-असतो मा सदगमय।तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योमामृतम् गमय।ॐ शांति शांति शांति।।अर्थात्हमको असत्य से सत्य की ओर ले चलों।अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलों।मृत्यु से अमरता की ओर ले चलों।ॐ शांति शांति शांति।।दीपावली मतलब प्रकाश का पर्व, हम यह प्रार्थना करके अपने अंदर ज्योति प्रगटाए और सिर्फ बहार ही प्रकाश का अनुभव न करकर, अपने भीतर भी... Continue Reading →

Up ↑