पिंजरा या स्वतंत्रता (CAGE OR FREEDOM)
मैं यहां दो दृष्टिकोणों के बारे में बात करूंगी। पहला दृष्टिकोण यह है कि लोगों को अपने मुताबिक़ नियंत्रित करने से हम खुद को ही भावनात्मक बंधन के पिंजरे में ले जाते हैं। एसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी इच्छा लोग पूरी करते हैं तो हम खुश होते हैं और नहीं करते हैं तो हम…
